गूगल के बज़ अप्लिकेशन से गूगल को जितना लाभ नहीं हुआ उतनी हानि हुई है. बज़ ट्विटर के जैसी एक अप्लिकेशन है जो जीमेल के साथ जुड़ जाती है और उसके बाद प्रयोक्ता जीमेल पर ही अपने स्टेटस अपडेट कर सकता है, टिप्पणी दे सकता है और वह सबकुछ कर सकता है जो ट्विटर पर होता है. परंतु बज़ के साथ कई परेशानियाँ भी आती है. सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इससे आपका इनबॉक्स अवांछित रूप से भरने लगता है. आप देखते हैं इनबोक़्स का अधिकतर भाग बज के संदेशों ने ही घेर लिया है और आपके काम की ईमेल बीच में कहीं दब गई है.
गूगल ने भी अब इस परेशानी को समझा है और त्वरित रूप से कुछ उपाय पेश किए हैं.
आप जीमेल सेटिंग में जाकर बज़ की सेटिंग को अब सम्पादित कर सकते हैं. जीमेल सेटिंग में जाने पर आपको बज़ टेब मिलती है. इसमें 3 विकल्प दिए गए हैं जिससे आप यह तय कर सकते हैं कि आपके इनबोक़्स पर आप किस तरह के बज़ संदेश ही प्राप्त करना चाहेंगे.
1. आपकी बज़ पोस्ट पर आई टिप्पणियों वाले संदेश
2. वह संदेश जहाँ आपने टिप्पणी दी हो
3. वह संदेश जहाँ पर की गई आपकी टिप्पणी पर कोई जवाब मिला हो
इसके अलावा अब जब भी कोई बज़ संदेश आपके इनबॉक्स में आएगा तो उसके साथ एक नोट भी आएगी कि यह संदेश आपके इनबोक्स में क्यों आया है. उदाहरण के लिए यदि आपने किसी बज संदेश पर टिप्पणी की है और आपके बज़ सन्देश संबंधित सेटिंग अनुरूप है तो आपको वह बज़ संदेश आपके इनबॉक्स में प्राप्त होगा. उसके ऊपर लिखा होगा कि - आपने यह संदेश प्राप्त किया है क्योंकि आपने यहाँ टिप्पणी दी है.
लेकिन फिर भी यदि आप नहीं चाहते कि वह बज़ संदेश अब आपके इनबॉक्स में आए तो आप आसानी से उसे "म्यूट" कर सकते हैं.

