पे-पाल ने मंगलवार को घोषणा की कि अब 1 अगस्त से भारतीय उपभोक्ता अपनी राशि केवल चैक से उठा सकेंगे.
इससे पहले उपभोक्ता अपनी पसन्द के हिसाब से अपनी राशि पे-पाल से इलेक्ट्रोनिकली अपने बैंक के खाते में स्थांतरीत कर सकते थे या चैक से मंगवा सकते थे. मगर अब केवल चैक का विकल्प ही बचेगा.
अपनी जमा राशि को पाने के लिए उपभोक्ता को "विड्रो" पर क्लिक कर "चैक के लिए विनती" पर क्लिक करना होगा. इसके बाद 4 से 6 दिन चैक जारी होने की प्रक्रिया में जाएंगे. डाक में लगने वाला समय अलग से खराब होगा.
परंतु क्या इसके लिए पेपाल को दोषी माना जाना चाहिए? पे-पाल का कहना है कि वह इसके लिए अपने उपभोक्ताओं से माफी मांगता है परंतु कोई और विकल्प भी नही है.
पे-पाल की पोलिसी में बदलाव सरकार के उस कदम की वजह से आया है जिसमें विदेश में रह रहे लोगों के द्वारा भारत में बेरोकटोक पैसा स्थलानंतरित किए जाने पर सवाल उठाए गए थे.
फरवरी 2010 में पे-पाल ने भारतीय उपभोक्ताओं को भुगतान देना बंद कर दिया था. इससे उपभोक्ताओं की चिंताएँ और भी बढ गई. बाद में पे-पाल ने भुगतान शुरू तो किया परंतु व्यवधान इतने थे कि पैसे पहुँचने में कई कई दिन लग जाते थे.
अब पे-पाल ने मात्र चैक से ही भुगतान करने का फैसला किया है, ताकी कितना पैसा किसके पास जा रहा है उसकी जानकारी आसानी से सरकार तक पहुँचती रहे. परंतु पे-पाल का कहना है कि हम कोशिश करेंगे कि ओनलाइन मनी ट्रांसफर सेवा फिर से शुरू की जा सके.

