Sunday, Feb 12th

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

Official: गूगल ने like.com का अधिग्रहण किया

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like-googleजो बात अभी तक गैर अधिकारिक तौर पर कही जा रही थी वह अब अधिकारिक हो गई है. गूगल ने विजुअल शोपिंग सर्च इंजिन like.com का अधिग्रहण कर लिया है. like.com एक भारतीय विजुअल शोपिंग और कीमतों के बीच मूल्यांकन करने वाला सर्च इंजिन है जो प्रयोक्ताओं के द्वारा दिए गए कीवर्ड के हिसाब से ऐसी वस्तुओं की खोज करके देता है जिन्हें ओनलाइन खरीदा जा सकता है.

लाइक.कॉम के सीईओ मुंजाल शाह ने साइट पर लिखा कि 2006 से लाइक.कॉम ईकोमर्स के क्षैत्र मे अग्रणी रहा है. हम पहले विजुअल सर्च इंजिन थे तो विशेष तौर पर शोपिंग के लिए बनाया गया था. हमने ही सबसे पहले क्रोस मैचिंग की सुविधा दी थी. हम रूके नहीं थे और रूक भी नहीं रहे हैं. गूगल के साथ समझौता होने से हमारा जोश दुगना हो गया है.

like.com एक अन्य फ्रेमवर्क पर आधारित था जो रिया नामक साइट के लिए बनाया गया था. रिया लोगों के चेहरों की पहचान कर उस हिसाब से खोज नतीजे प्रदर्शित करती थी. मुंजाल शाह और उनकी टीम ने इसी तकनीक का इस्तेमाल दूसरे तरीके से किया और सफलता अर्जित की. उन्होने लाइक.क़ॉम नाम विजुअल शोपिंग सर्च इंजिन बनाया जो कि रिया के विचार पर आधारित था परन्तु उसकी वाणिज्यिक क्षमताएँ अधिक थी.

गूगल भी विगत कुछ वर्षों से विजुअल सर्च और चेहरे पहचानने की तकनीक पर काम कर रहा था. 2009 में गूगल ने सिमिलर इमैजेज नामक सुविधा जोडी थी, जो इसी तकनीक पर आधारित थी. परंतु अब लाइक.कॉम का अधिग्रहण करने के बाद उसे इस क्षैत्र में और भी अधिक बढता हासिल होने जा रही है.

इसके लिए गूगल ने अनुमानित तौर पर करीब 100 मिलियन डॉलर चुकाए हैं. इससे लाइक.कॉम को करीब 50 मिलियन डॉलर का लाभ अर्जित हुआ है ऐसी खबरे हैं. दूसरी और मुंजाल शाह और उनकी मुख्य टीम भी लाइक.कॉम के ऊपर काम करती रहेगी.
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