Monday, Feb 13th

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

टीवी पर नई फिल्में, दोनों तरफ चाँदी

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tv-ratingपिछले दिनों सोनी टीवी पर प्रसारित हुई फिल्म 3 इडियट्स ने इस चैनल के लिए वह काम कर दिया जो पिछले 8 वर्षों के दौरान कोई धारावाहिक या शो नहीं कर पाया था. 3 इडियट्स की वजह से सोनी को इतनी टीआरपी [टेलीविज़न रेटिंग पोइंट] हासिल हुई कि वह स्टार प्लस और कलर्स के बाद तीसरे नम्बर का सबसे लोकप्रिय चैनल बन गया. यह लोकप्रियता हालाँकि 1 सप्ताह के लिए ही थी [टैम रेटिंग प्रति सप्ताह आँकी जाती है] परंतु कई वर्षों बाद ऐसा हुआ कि सोनी ज़ी टीवी को पछाड़ आगे निकल गया.
 
इसके लिए उसे भारी कीमत भी चुकानी पड़ी. सुत्रों के अनुसार 3 इडियट्स के टीवी अधिकार खरीदने के लिए सोनी को 30 से 40 करोड़ रूपए की रकम चुकानी पड़ी थी. परंतु इस चैनल ने विज्ञापनों से हुई धुँआधार आय से इस लागत को लगभग वसूल कर लिया है और अभी इस फिल्म के 2 और प्रसारण बाकी हैं [कोई भी बड़ी फिल्म के 3 शो दिखाने के करार आम तौर पर किए जाते हैं]. सोनी 3 इडियट्स का एक और प्रसारण जल्द ही कर सकता है और उसके बाद इसी समूह के फिल्मी चैनल मैक्स पर इसका प्रसारण हो सकता है. उससे होने वाली आमदनी लागत से कहीं अधिक होगी.

दूसरी तरफ फिल्म निर्माताओं की बात करें तो 40 करोड़ के आसपास की लागत से बनाई गई फिल्म 3 इडियट्स ने बॉक्स ऑफिस पर तो धूम कमाई की ही है, परंतु इसके संगीत अधिकार और टीवी अधिकारों से ही इसकी लागत वसूल हो सकती है. आज किसी भी बड़ॆ बैनर की फिल्म जब तक बनकर तैयार होती तब तक उसकी लागत वसूल ली जाती है. यानी कि वह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन करती है उसका कोई खास असर निर्माताओं और निवेशकों पर नहीं पडता. हाँ, उससे सितारों के भविष्य पर जरूर असर पड़ता है.

पिछले दिनों रिलीज हुई काफी बड़े बजट से बनी फिल्म रावण बॉक्स ऑफिस पर ढेर हो गई थी. कुछ ऐसा ही हाल ऋतिक रोशन की फिल्म काईट्स के साथ भी हुआ था. परन्तु इन दोनों फिल्मों के टीवी अधिकार काफी ऊँचे दामों पर बेचे गए थे और इससे इस फिल्म की लागत काफी हद तक वसूल हो गई थी.


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इस वर्ष की सबसे बड़ी हिट फिल्म राजनीति के टीवी अधिकार कथित तौर पर 28 करोड़ रूपए में बेचे गए हैं. यह रकम इस फिल्म की लागत से अधिक है. दूसरी तरफ करण जौहर की अभी तक रिलीज भी नहीं हुई फिल्म वी आर फैमिली और फराह खान की फिल्म तीस मार खाँ के टीवी राइट्स भी अभी से बेच दिए गए हैं.

बड़े बैनर की फिल्मों को उनके निर्माताओं के नाम का सहारा मिलता है और उनके टीवी अधिकार रिलीज से पहले ही बिक जाते हैं. परन्तु छोटी फिल्मों के साथ ऐसा नहीं होता, पर यदि भाग्य साथ दे और वह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ठीक ठाक प्रदर्शन भी कर जाए तो वारे न्यारे हो सकते हैं. ऐसा ही कुछ फिल्म उडान के साथ भी हुआ है. इस फिल्म ने अप्रत्याशित तौर पर बॉक्स ऑफिस पर रिकार्ड कमाई की है और अब इसके टीवी राइट्स भी काफी ऊँचे दर पर बेचे गए हैं.

टीवी चैनल भी इन फिल्मों के राईट्स ऊँचे दर पर खरीदने के लिए तैयार रहते हैं. क्योंकि उनको इन फिल्मों के लिए दर्शक मिल जाते हैं. भारतीय दर्शक नई फिल्मों को टीवी पर देखना पसंद करते हैं और इसके लिए वे विज्ञापनो की बाढ भी झेल लेते हैं. और फिर एक फिल्म कम से कम तीन बार दिखाई जाती है और इससे कमाई लागत से अधिक हो जाती है. दूसरा लाभ टीआरपी में होने वाली बढोत्तरी से होता है और इससे वह चैनल अपने अन्य कार्यक्रमों की विज्ञापन दर भी बढा सकता है.

इस तरह से नई फिल्मों के टीवी प्रसारण से दोनों तरफ लाभ होता है और दर्शकों को नई फिल्में टीवी पर देखने को मिल जाती है.
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