दिन में एक गिलास चुकन्दर का रस उच्च रक्तचाप को नियंत्रण में रख सकता है. हाल ही में लंदन के क्वीन मैरी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के एक दल द्वारा किए गए एक अध्ययन से यह बात सामने आई है.
रक्तचाप कम करने के पीछे का कारण चुकंदर में पाया जाना वाला नायट्रेट तत्व है. यह शोध अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की पत्रिका, 'हायपरटेंशन' में प्रकाशित हुई है.
यह शोध रक्तचाप से पीड़ित लोगो के लिए उत्साह वर्धक समाचार है, जो अब प्रकृतिक रूप में इस बिमारी पर काबू रख पाएंगे.
अमृता अहलूवालिया, जो क्वीन मैरी अनुसंधान संस्थान में संवहनी जीव विज्ञान की प्रोफेसर है ने बताया कि हमने स्वस्थ स्वयंसेवकों को अकार्बनिक नाइट्रेट कैप्सूल तथा चुकंदर का रस दिया और उनके रक्तचाप संचलन और जैव रासायनिक प्रतिक्रियाओं में होने वाली परिवर्तन की तुलना की. हमने पाया कि रक्तचाप कम करने में चुकंदर और नाइट्रेट कैप्सूल समान रूप से प्रभावी रहे.
वर्तमान में 10 करोड़ से अधिक भारतीय वयस्क उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं. ऐसे में यह खोज भारत के लिए काफी लाभदायी सिद्ध होगी. खासतौर पर जब प्राकृतिक उपचार के लिए चुकंदर भारतीय बाजारों में आसानी से उपलब्ध है और यह महंगा भी नहीं है.

