Monday, Feb 13th

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

कैंसर कथा - किस कैंसर से डर, किससे नहीं

Print PDF
cancerदुनिया में सबसे खतरनाक और जानलेवा बिमारियों में से एक कैंसर क्या वास्तव में उतनी खतरनाक है भी या मात्र हौवा है. अगर एक नई शोध पर गौर करें तो पता चलता है कि 9 ज्ञात कैंसरों में से अधिकतर वास्तव में खतरनाक नहीं होते और उनसे बच जाने वाले रोगियों का प्रतिशत मृत्यु को प्राप्त होने वाले रोगियों से कहीं अधिक होता है. इस शोध से पता चला कि स्किन मेलानोमा नामक कैंसर से बच जाने की दर सबसे अधिक होती है और फेफडों के कैंसर से बच जाने की दर सबसे कम.

आनल्स ऑफ ओंकोलोजी नामक जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट में स्पैन के 8 अलग अलग प्रांतो के कैंसर से पीडित लोगों का अभ्यास किया गया. यह अभ्यास 1995 से लेकर 1999 तक के आँकडो पर आधारित था और इनका विश्लेषण 2004 तक चला था.

इस अभ्यास की मदद से यह पता चला कि कैंसर वास्तव में कितना खतरनाक होता है और लोगों के बच जाने की उम्मीद कितनी होती है. इस अभ्यास से पता चला कि वास्तव में 9 में से मात्र 1 प्रकार का कैंसर ऐसा होता है जिसे काफी खतरनाक माना जा सकता है और वह है फेफडों का कैंसर. बाकी के सभी कैंसर उतने खतरनाक नहीं होते जितने की माने जाते हैं. उदाहरण देखिए -

स्तन कैंसर - महिलाओं को होने वाला यह सबसे आम कैंसर है. परंतु इससे बच जाने की दर काफी अधिक है. करीब 83% महिलाएँ स्तन कैंसर से पीडित होने के 5 वर्ष बाद इससे मुक्त हो जाती हैं.

कोलोरेक्टल कैंसर - यह कैंसर पुरूष और महिला दोनों को हो सकता है. इससे बच जाने की दर 50 से 55% तक होती है.

प्रोस्टेट कैंसर - यह कैंसर आम तौर पर पुरूषों विशेष रूप से युवकों को होता है. इससे बच जाने की दर 76% तक होती है.

गर्भाशय का कैंसर - महिलाओं को होने वाले इस प्रकार के कैंसर से बच जाने की दर भी काफी अधिक है, परंतु इस पर उम्र का काफी असर पडता है. 15 से 44 आयुवर्ग की महिलाओं को यदि यह कैंसर हो जाता है तो उनके बचने की सम्भावना 70% तक होती है परंतु 74 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिला के बचने की सम्भावना मात्र 19% होती है.

टेस्टिक्यूलर कैंसर - यह एक ऐसा कैंसर है जो कम लोगों को ही होता है. इससे बच जाने की सम्भावना भी 95% तक होती है.

होजकिंस लायफोमा कैंसर -
यदि यह कैंसर युवकों को होता है तो बचने की सम्भावना 92% तक होती है परंतु बडी उम्र के लोगों के बचने की सम्भावना 50% तक ही होती है.

चमडी का कैंसर -
इस कैंसर से बच जाने की सम्भावना 85 से 90% तक होती है.

फेफडों का कैंसर - परंतु इस कैंसर से ग्रस्त लोगों के बचने की सम्भावना काफी कम होती है. अभ्यास के अनुसार मात्र 10% लोग ही इस कैंसर से बच पाते हैं.
BLOG COMMENTS POWERED BY DISQUS