हम हमारे रोजमर्रा के जीवन में स्वास्थ्य संबंधित कई गलतियाँ करते हैं. इनमें से कई जान बुझ कर की जाती है और कई अनजाने में:

इसलिए प्रति माह या दो माह के बाद ब्रश बदलना अच्छा रहता है.

जब तक हो सके बैठते समय सामान्य मुद्रा यानी दोनों पैर जमीन पर रखकर बैठें और यदि पाँव पर पाँव रखना ही हो तो अधिक देर तक ना रखें.


कई लोग दो, कभी कभी तीन तकीयों के ऊपर सिर रखकर सोते हैं. इससे गर्दन और सिर के नीचे वाले हिस्से के स्नायू खींच जाते हैं और यह मुद्रा शरीर के लिए भी ठीक नहीं है. यदि आपके चिकित्सक ने कुछ अलग तरीके से सोने के लिए ना कहा हो तो हमेशा एक ही तकीया लगाकर सोएँ और वह भी मुलायम हो तो अच्छा है.

शौच के बाद और खाने से पहले हाथ धोना चाहिए. इस बात का अमूमन सभी पालन करते हैं. लेकिन शर्दियों के मौसम में और यदि आपको सामान्य जुकाम का असर लग रहा हो तो बार बार हाथ धोने की आदत डालिए. एक दिन में हम असंख्य जगहो को छूते हैं और उन्हे हाथों से छोटे बच्चों को भी उठाते हैं अथवा अपनी आँख आदि साफ करते हैं. इससे जीवाणुँ फैलते हैं. इसलिए बार बार हाथ धोने की आदत डालें.

सुबह उठकर काम पर जाने की जल्दी में मात्र चाय या दूध पीकर भाग रहे हैं? एक बार सोचिए. क्योंकि आपके शरीर में पिछले 10-12 घंटों से कुछ भी नहीं गया है और आपके शरीर को ऊर्जा की सख्त आवश्यकता है और वह आहार से मिल सकती है. इसलिए सुबह का अल्पाहार कभी भी नहीं चुकना चाहिए.

यदि समय की कमी है तो हल्की फुल्की ही सही लेकिन कसरत जरूर करें. यदि नियमित आधा घंटा कसरत करने की आदत डाल लें तो सबसे बेहतर अन्यथा 5-10 मिनट की कसरत भी शरीर के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है.
इसलिए हृदय संबंधित बिमारियाँ लगने के बाद कसरत की ओर ध्यान देने से बेहतर है पहले ही चेत जाएँ.

