शर्दियों का मौसम है तो सुबह सुबह गर्मागर्म चाय पीने से कौन इंकार करना चाहेगा? लेकिन यदि आपको गर्म चाय पीने की आदत है तो सावधान रहें. एक शोध से पता चला है कि उफनती हुई और बेहद गर्म चाय को पीने से एसोफेगस [अन्ननली] का कैंसर होने की सम्भावना कई गुना बढ जाती है. मुम्बई की टाटा मेमोरियल होस्पिटल के अभ्यास से पता चला है कि गर्मागर्म चाय पीने से अन्ननली की परत को काफी नुकसान पहुँचता है और इससे कैंसर होने की सम्भावना सामान्य स्थितियों की अपेक्षा 4 गुना अधिक बढ जाती है.
इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि गर्म चाय के सेवन से होने वाले कैंसर का खतरा गुटखा, तमाकु और सिगरेट पीने से होने वाले अन्ननली के कैंसर से भी अधिक है.
टाटा मेमोरियल होस्पिटल ने विशेषज्ञों ने 1989 से लेकर 1992 तक करीब 442 मरीजों के आँकड़ों का कई वर्षों तक विश्लेषण करने के बाद यह नतीजे प्रकाशित किए हैं.
इस अस्पताल के मेडिकल रिकार्ड के अध्यक्ष बी. गणेश का कहना है कि – चाय भारत के राष्ट्रीय पेय के समान है और हम सबको गर्म चाय पीने की आदत होती है. लेकिन हमारा अभ्यास बताता है कि गर्म चाय को पीना कैंसर को आमंत्रण देना है. यह खतरा कश्मीर जैसे अपेक्षाकृत काफी ठंडे प्रदेश में सर्वाधिक होता है.
चिकित्सकों की राय है कि चाय को थोड़ी ठंडी कर जब वह मध्यम गर्म हो तब पीनी चाहिए.

