यदि पुरूषों के लिए यह उपलब्ध है तो महिलाओं के लिए क्यों नहीं? यह सवाल हम नहीं पूछ रहे बल्कि लाखों ऐसी महिलाएँ विभिन्न फोरमों में पूछ रही हैं, और अब उनके पास खुश होने की एक वजह है. अमरीका के एफडीए यानी कि फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के द्वारा एक नई दवाई को अनुमति दी जानी है. इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और एफडीए 18 जून 2010 को इस पर अंतिम विचार कर अपना फैसला सुना देगा. बहुत सम्भावना है कि इस नई दवाई को अनुमति मिल जाए.
यह दवाई जर्मनी की दवाई बनाने वाली एक बड़ी कम्पनी ने तैयार की है जिसका नाम है "flibanserin". शुरूआती परीक्षणों में इस दवाई ने काफी कुशलता से अपना काम किया. यह दवाई महिलाओं के दिमाग में रसायनिक बदलाव कर उनकी सेक्स संबंधी ईच्छाओं को जागृत कर देती है.
कैसे हुई खोज?
जर्मनी की ड्रग मैनुफेक्चरिंग कम्पनी Boehringer Ingelheim के द्वारा तैयार यह दवाई मूलत: महिलाओं की कामेच्छा जागृत करने के लिए नहीं बनाई गई थी. दरअसल यह एक एंटी डिप्रेशन दवाई के रूप में विकसित की गई थी. परीक्षणों के दौरान पता चला कि यह दवाई अपने कार्य को करने में एकदम असफल रह रही है. इस दवाई की मदद से डिप्रेशन को कम करने में सफलता हासिल नहीं हो रही थी. परंतु एक नई चीज जो सामने आई वह यह कि इस स दवाई के द्वारा एक साइड इफैक्ट हो रहा है और वह यह कि इससे महिलाओं की कामेच्छा जागृत हो जाती है.
यह पता चलने के बाद कम्पनी के वैज्ञानिकों ने इस और अधिक शोध की और उन्हें पता चला कि इस दवाई की मदद से सेक्स के प्रति अनिच्छा को दूर किया जा सकता है. जर्मनी की यह कम्पनी चाहेगी कि उसे जल्द जल्द इस दवाई को बेचने की अनुमति मिले क्योंकि अभी तक ऐसी कोई अन्य दवाई बाजार में नहीं है और इसका बाजार बहुत बड़ा - एक अनुमान के अनुसार करीब 2 बिलियन अमरीकी डॉलर - है.

