इस विषय पर बात करने में भारतीय महिलाएँ संकोच अनुभव करती हैं. परंतु हमारे एक सर्वे और कुछ अन्य मीडिया खबरों से पता चलता है कि अंतरंग क्षणों के दौरान महिलाओं के मन में कई तरह की बातें चलती है जो कि काफी रोचक होती है. एक रोचक तथ्य यह है कि कुछ महिलाएँ "अंतरंग" पलों के दौरान अगले दिन कौन कौन से काम करने हैं इसकी सूचि बनाती रहती हैं. उन्हें कपड़े धोने हैं, बाजार से सामान लाना है और अपने बच्चे को कौन से कपड़े पहनाने है... इस तरह की बातें उनके दिमाग में चलती रहती है.
एक महिला रोग विशेषज्ञ के अनुसार उनके पास सलाह के लिए आने वाली महिलाओं से उनके स्वास्थ्य और सेक्स जीवन से संबंधित सवाल पूछने पर पता चला कि महिलाएँ सेक्स के समय पुराने प्रेमी अथवा बॉलीवुड और हॉलीवुड के अपने पसंदीदा कलाकार को भी याद करती हैं.
ऐसा नहीं है कि जो महिलाएँ ऐसा सोचती हैं वे अपने पति को प्यार नहीं करती, परंतु चरमोत्कर्ष के उन क्षणों के दौरान वे अपने आपको इस तरह से सोचने से रोक नहीं पाती.
तो क्या यह गलत है? सेक्सोलोजिस्ट पारस शाह के अनुसार इसमें कुछ भी गलत नहीं है. सेक्स के दौरान फेंटासी विचारों का आना स्वाभाविक ही होता है. इस समय आप आनंद की चरमसीमा तक पहुँचते हैं वहाँ तक पहुँचने के लिए अथवा इस दौरान यदि आप इस तरह के विचारों से घिर जाते हैं या इसकी कोशिश करते हैं तो इसमें गलत कुछ नहीं है. बल्कि इससे आपका सेक्स जीवन खुशहाल रहता है और आप तरोताजा महसूस करती हैं.
और ऐसा भी नहीं है कि ऐसा मात्र महिलाओं के साथ होता है. कई पुरूष भी सेक्स के दौरान अपनी पसंदीदा अभिनेत्री के विचारों से घिर जाते हैं. डॉ. पारस शाह के अनुसार "फेंटासी सेक्स" तो बुरा नहीं कहा जा सकता परंतु सेक्स के दौरान ऑफिस की बातों का और दूसरे दिन क्या काम करना है ऐसी बातों का दिमाग में आना यह इंगित करता है कि कहीं कुछ गडबड जरूर है. ऐसे में युगल को खुलकर आपस में बात करनी चाहिए और यह जानने की कोशिश करनी चाहिए कि उनके अंतरंग संबंध बदरंग क्यों हो रहे हैं.

