कितनी बातें ऐसी लिखी जाती है कि कैसे शयनकक्ष में आप एक अच्छा समय बिता सकते हैं. कैसे आप एक दूसरे को संतुष्टि दे सकते हैं. लेकिन अच्छे सेक्स जीवन के लिए आपका शयनकक्ष में अच्छा प्रेमी होना ही सबकुछ नहीं होता.
अच्छे सेक्स जीवन के लिए यह मायने नहीं रखता कि आप शयनकक्ष में कैसा आचरण करते हैं, परंतु यह बहुत मायने रखता कि आपका अपनी पत्नी के प्रति आम व्यवहार कैसा है. और इसका बहुत बड़ा असर आपके दाम्पत्य और सेक्स जीवन पर पडता है.
कुछ छोटी छोटी बातें ऐसी है जिन्हे अपना कर आप आसानी से अपनी पत्नी का दिल जीत सकते हैं.
आप कितने रोमांटिक हैं?
यह पता लगाना काफी आवश्यक है. दाम्पत्य जीवन में रोमांस ना हो तो जीवन बोझिल लगने लगता है, और रोमांस एक ऐसी चीज है जो आँखो से ही झलकती है. यह एक नैसर्गिक प्रक्रिया है और इसके लिए बहुत जरूरी है कि आप दोनों एक दूसरे को बेहद करीब से जानते हों, समझते हों और एक दूसरे के प्रति समर्पित हों. दाम्पत्य जीवन को एक समझौता ना बनने दें. एक दूसरे का पूरक बनने का प्रयास करें.
प्यार का अहसास:
शारीरिक प्यार तो जरूरी होता है लेकिन वही सबकुछ नहीं है. आप अपनी पत्नी को भावनात्मक रूप से कितना चाहते हैं यह सबसे अधिक मायने रखता है.
दाम्पत्य जीवन में छोटी छोटी चीजें भी खुशियाँ ला सकती है. ऑफिस जाते समय एक छोटा सा नोट लिखकर चले जाना कि “आज नाश्ता काफी बढिया था” – आपकी पत्नी पर जादू कर जाता है. उनके लिए ऑफिस से आते समय छोटा सा उपहार ले आना भी उन्हें काफी खुशी दे सकता है.
इसके अलावा आप दोनों टहलने जा सकते हैं, या फिर छत पर ही जाकर चाँद की रोशनी तले बातें कर सकते हैं.
तरकश विशेष
तारीफ:
तारीफ किसे प्यारी नहीं होती? और बात यदि महिला की हो तो यह बात और भी अच्छी तरह से लागू होती है. तारीफ करने की आदत डालें, लेकिन साथ ही साथ यह भी ध्यान रखें कि तारीफ बनावटी ना लगे. तारीफ करें तो दिल से करें लेकिन करें जरूर.
अपनी बात खुल कर कहें:
यह सही है कि आप दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करते हों, लेकिन फिर भी हर समय यह तो सम्भव नहीं होता कि आपकी पत्नी आपके दिल की बात जान ही जाएँ. इसलिए उनसे यह अपेक्षा रखना कि आपके मौन के पीछे की वजह वे हमेशा जान जाएँगी ठीक नही है. अपनी बात खुलकर कहें, हो सकता है उन्हे इससे थोडी तकलीफ हो, परंतु इससे स्थिति जल्दी स्पष्ट होगी और आप दोनों का मूड बना रहेगा.
आत्मसम्मान का ध्यान रखें:
आत्मसम्मान सबको प्यारा होता है और हमें किसी के आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाने का अधिकार नहीं होता. यदि आप दोनों में झगडा हो भी जाए तो ध्यान रखें की आपकी बात आपके शयनकक्ष से बाहर ना जाएँ.
अपने मित्रों के सामने अपनी पत्नी की बुराई करने से बचें और ऐसी कोई स्थिति ना आने दें जिससे आपकी कोई बात आपकी पत्नी को किसी बाहरी व्यक्ति से पता चले.

