यूनिवर्सिटी ऑफ एल्ब्रेटा की शोध के अनुसार अधिकाधिक महिलाएँ अब ओरल सेक्स [मुख मैथुन] को अपना रही हैं और इसे खराब नहीं मानती. शोधकर्ताओं के अनुसार ओरल सेक्स के प्रति बढती रूचि की वजह से यौन शिक्षा देने वाले लोगों और सुरक्षित सेक्स के लिए उपयोगी संसाधन बनाने वाली कम्पनियों के लिए नए सिरे से अपनी योजनाएँ तैयार करने की जरूरत है. इस शोध का उद्देश्य था यह पता लगाना कि युवा महिलाएँ सेक्स के प्रति अपने विचारों में कितना बदलाव महसूस कर रही हैं और अब अभिभावकों, यौन शिक्षकों और स्वयं युवाओं को सेक्स संबंधित किन बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है?
इस विश्वविद्यालय की ब्रिया मलाकाड के अनुसार उनकी शोध बताती है कि जो महिलाएँ सेक्स में लिप्त होती हैं वे ओरल सेक्स को भी अपनाने लगी हैं. ओरल सेक्स युवा पीढी में सर्वमान्य चलन बन रहा है. रेनबो पार्टिज़ और मीडिया के द्वारा इसका बढा चढा कर प्रचार किए जाने की वजह से अधिकाधिक युवा इसमें लिप्त हो रहे हैं.
मलाकाड की शोध बताती है कि 50% लोग ओरल सेक्स को सम्भोग से कम उत्तेजक मानते हैं, 41% ओरल सेक्स और सम्भोग को एक समान उत्तेजक मानते हैं और 9% लोग ओरल सेक्स को उत्तेजक नहीं मानते.
मलाकाड की शोध से एक और रोचक तथ्य जो सामने आता है वह यह कि ओरल सेक्स का भावनाओं पर सकारात्मक असर पड़ रहा है. ओरल सेक्स को अपनाने वाली अधिकतर महिलाओं ने इससे आनंद प्राप्त किया.
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