सेक्स जीवन में आपसी समझ और प्रेम काफी महत्वपूर्ण होता है और उतनी ही महत्वपूर्ण होती है अंतरंग पलों की सही समझ. सेक्स जीवन आनंदमय बनाने के लिए किसी व्यापक किताबी ज्ञान की आवश्यकता नहीं है. बस कुछ सामान्य सी लगती बातों पर ध्यान देने से भी बात बन सकती है.
ध्यान साथी पर विचारों पर नहीं:
सेक्स जीवन तभी आनंदमय बन सकता है जब आप या आपका साथी अधिक विचार ना करे. जब आप एक दूसरे के करीब हों तो विचार को त्याग कर एक दूसरे में खो जाएँ. यह ना सोचें कि यदि आपने "ऐसा" किया तो उन्हें "कैसा" लगेगा. अपने आपको वैसा ही रखें जैसा कि आप खुद को महसूस करते हैं. ना तो बदलने की कोशिश करें ना ही कुछ ऐसा करने की जो आपको कृत्रिमता का अहसास दिलाए और आपके साथी को भी. महिलाएँ विशेष रूप से अपनी छवि को लेकर काफी आशंकित रहती हैं. सेक्स के दौरान यह सोचना कि क्या मैं ऐसा करते समय ठीक लगुंगा/लगुंगी, उन खास पलों को बदरंग बना सकता है.
कुछ नया करने के पीछे पागल ना बनें:
पोर्न फिल्मों और साहित्यों पर ना जाएँ. अच्छे सेक्स के लिए यह आवश्यक नहीं कि आप किस मुद्रा का प्रयोग करते हैं और क्या नया आविष्कार करते हैं, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि आप और आपकी साथी कितनी संतुष्टि प्राप्त कर रही है. अच्छा सेक्स प्राकृतिक और नैसर्गिक होता है, उसमें नयापन डालने का अत्यधिक प्रयास ना करें. बेहतर है सबकुछ समय पर छोड़ दें और एक दूसरे में खो जाएँ. यह बात पुरूषों पर अधिक लागू होती है. अधिकतर पुरूष सोचते हैं कि यदि उन्होनें सेक्स के दौरान कुछ नया नहीं किया तो यह उनकी साथी को पसंद नहीं आएगा, जो कि सच नहीं है.
सिर्फ पाने की ना सोचें:
पुरूष और महिला में उत्तेजना का स्तर और उत्तेजित होने में लगने वाले समय में अंतर पाया जाता है. सेक्स के दौरान अपने साथी की ईच्छा और उनकी मर्यादा का ध्यान रखें. अत्यधिक उत्तेजित होने से बचें और सयंम से काम लें. सेक्स के दौरान फोरप्ले का अधिक से अधिक आनंद लें. मात्र फोरप्ले से भी आनंद प्राप्त किया जा सकता है. अपने साथी से सीखें. अच्छा सेक्स तब और विकसित होता है जब दोनों व्यक्ति एकदूसरे की पसंद नापसंद को समझने लगते हैं और हर बार कुछ नया सीखते हैं.
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