कामोत्तेजना में कमी का अनुभव करने वाले लोगों के लिए वायग्रा एक वरदान के समान साबित हुई है, परंतु अब कनाडा की एक दवा बनाने कम्पनी ने इससे भी असरकारक फार्मुला खोज निकाला है.
इस कम्पनी से जुडे वैज्ञानिकों ने एक वेफर नुमा दवाई विकसित की है जिसे मूँह में लेते ही वह घुल जाती है और उसका असर शुरू हो जाता है. इस दवाई में भी वही फार्मुला और कोम्पोनेंट इस्तेमाल किए गए हैं जो वायग्रा जैसी दवाईयों में इस्तेमाल किए जाते हैं परंतु फर्क इतना है कि इसका असर वायग्रा और उसके जैसे अन्य दवाईयो की अपेक्षा तेजी से होता है.
इस नई पद्धति में जब कोई व्यक्ति वेफर को मूहँ में रखता है तो उस वेफर पर लगे छोटे छोटे कण उससे अलग होकर जीभ पर घुल जाते हैं और फिर तेजी से शरीर में जाकर रक्त धमनियों में प्रवेश कर जाते हैं. इस तरह से यह दवाई तेजी से रक्त में मिलकर अपना असर दिखाना शुरू कर देती है.
इस दवाई के परीक्षण के दौरान जिन लोगों ने इस दवाई का सेवन किया उन्होनें पाया कि वायग्रा के मुकाबले इस दवाई का असर दुगनी तेजी से होता है. जहाँ वायग्रा का असर 45 से 60 मिनट के बाद शुरू होता है, इस दवाई का असर 30 मिनट के भीतर होने लगता है.
कनाडा की एक्स्ट्रीमएक्स नामक कम्पनी, जो यह दवाई विकसित कर रही है, का दावा है कि कुछ और परीक्षणों के बाद यह नई प्रकार की दवाई बाजार में उप लब्ध हो जाएगी.

