क्या आप जानते हैं दुनिया में करीब 10 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनके पास मोबाइल फोन है परंतु बैंक अकाउंट नहीं है. ऐसे ही करोड़ों लोगों के काम आ रही है एक अनोखे प्रकार की मोबाइल बैंकिंग, जिसके माध्यम से वे अपना मेहनताना प्राप्त करते हैं, खरीददारी भी करते हैं और रिश्तेदारों तक पैसे भी भेजते हैं. यह तकनीक विकासशील देशों, विशेष रूप से अफ्रीका और एशिया के अपेक्षाकृत गरीब देशों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है. इस तकनीक की मदद से आर्थिक लेनदेन सरल हो गया है और भ्रष्टाचार में कमी आई है.
पोकेट मोबाइल बैंकिग तकनीक देहातों और दूर दराज के क्षैत्रों में रहने वाले लोगों के लिए आशा की एक किरण साबित हो रही है. इसकी मदद से आम लोग अपना वित्तीय लेनदेन बिना किसी झंझट के कर पा रहे हैं. उन्हें ना तो बैंक अकाउंट खुलवाने की आवश्यकता है और ना ही अपनी सेलेरी लेने के लिए लम्बी कतार में खड़ा होने की आवश्यकता है.
बार्सिलोना मोबाइल कांग्रेस में इस तकनीक के बारे में बोलते हुए जीएसएम असोशिएशन के गेविन क्रुजेल ने बताया कि – जीएसएम ओपरेटर इस क्षैत्र में बहुत सम्भावनाएँ देख रहा है. इससे ना केवल आम लोगों को फायदा होता है बल्कि इससे गरीब देशों में सेवाएँ दे रहे मोबाइल ओपरेटरों की भी अतिरिक्त आय हो जाती है.
इतिहास: इस तकनीक की शुरूआत करीब 6 साल पहले फिलिपींस और दक्षिण अफ्रीका में हुई थी, और उसके बाद धीरे धीरे यह तकनीक दुनिया भर में लोकप्रिय होती गई. आज एक अनुमान के अनुसार दुनिया भर के करीब 4 करोड़ लोग मोबाइल मनी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं.
भविष्य: इस तकनीक का भविष्य उज्जवल है. युगांडा में प्रतिदिन 15000 लोग इस तकनीक से जुड़ रहे हैं तो तंजानिया में 11000. यही हाल बाकी के गरीब और विकासशील देशों का भी है.
तरकश विशेष
कैसे काम करती है यह तकनीक?
अफगानिस्तान का उदाहरण लेकर इसे समझते हैं. अफगानिस्तान की राष्ट्रीय पुलिस के अधिकतर अधिकारी और सिपाही या तो अनपढ हैं या फिर काफी कम पढे लिखे हैं. अफगानिस्तान जहाँ कि भ्रष्टाचार का बोलबाला है, वहाँ इन सुरक्षा अधिकारियों को सेलेरी देने में कई घोटाले होते थे. लेकिन अब मोबाइल मनी के आगमन से इसमें उल्लेखनीय कमी आई है. इसके लिए अफगान पुलिस ने एक मोबाइल ओपरेटर रोशन से समझौता किया है.
प्रति माह तय तिथि पर अफगान सिपाहियों के मोबाइल फोन पर एक संदेश और एक वोइस मैसेज आ जाता है कि आपकी सेलेरी आपको प्राप्त हो गई है. वास्तव में उस सिपाही की सेलेरी मोबाइल ओपरेटर के पास पहले से ही जमा करा दी जाती है. अब वह सिपाही एसएमएस के माध्यम से कहीं से भी खरीददारी कर सकता है और उसके मोबाइल मनी अकाउंट से पैसे काट लिए जाते हैं. वह अपने रिश्तेदार को एक एसएमएस भेजकर कुछ पैसे उनके अकाउंट में भी डाल सकता है.
इसके अलावा वह चाहे तो कुछ पैसे मोबाइल ओपरेटर के अधिकृत एजेंट से प्राप्त कर सकता है अथवा जमा रहने दे सकता है.
इस तरह से मोबाइल ओपरेटर ही उन लोगों के लिए बैंक बन जाते हैं, और मोबाइल एसएमएस चैक की तरह काम करते हैं.
लाभ:
इस सेवा के कई लाभ हैं. इससे भ्रष्टाचार में कमी आती है. आम लोग बिना किसी झंझट के अपनी आय प्राप्त कर सकते हैं और उसका समायोजन कर सकते हैं. लोगों को लम्बी लाइनों में खड़ा नहीं होना पड़ता और सरकारों को बैंकों के ऊपर भारी खर्च नहीं करना पड़ता.

