चेराव गाँव का परम्परागत बाँस नृत्य नया नहीं है. ये लोग सदियों से यह नृत्य करते आए हैं और यह यहाँ की संस्कृति की पहचान है.लेकिन अब इस नृत्य को वैश्विक पहचान मिलने जा रही है क्योंकि अब यह नृत्य गिनीज़ बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में शामिल कर लिया गया है.
मिज़ोरम की राजधानी आइजोल में गिनीज़ बुके के एक प्रतिनिधि के सामने 10,736 लोगों ने चेराव नृत्य प्रस्तुत किया. नर्तक मैदान के बाहर तीन किलोमीटर तक फैले हुए थे.
राज्य के कला और संस्कृति निदेशक बोइछिंगपुई ने कहा कि - मिज़ोरम के लिए ये एक बड़ा दिन है. हमारी अनूठी संस्कृति और नृत्यकला को बड़ी पहचान मिली है.
क्या है रिकार्ड?
यह रिकार्ड सर्वाधिक लोगों के द्वारा बाँस नृत्य करने का बना है. दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है.

