एक शोध से पता चला है कि जो महिलाएँ अपने पति या पुरूष मित्र से प्रताडित होती हैं, उनमें से आधी से अधिक महिलाएँ मानती हैं कि उनके पति या मित्र में कुछ अच्छी आदतें भी हैं और इसी वजह से वे उनका साथ नहीं छोड़ती. इस शोध का विषय भी कुछ ऐसा ही था. शोधकर्ता जानना चाहते थे कि आखिर वह क्या बात है जो प्रताडित महिलाओं को अपने पति के साथ रहने के लिए बाध्य करती है. टोरंटो और न्यूयार्क में करवाए गए इस सर्वे से कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं.
सर्वे के नतीजों के अनुसार शारीरिक और मानसिक प्रताडना की शिकार महिलाएँ अपने पुरूष मित्र या पति में अच्छाईयों को खोजती है और अपने संबंध को जारी रखना चाहती है. वे मानती हैं कि उनके पति उन पर निर्भर हैं और उनसे प्रेम करते हैं और इसलिए वे उनका साथ नहीं छोड़ सकती.
यूएस नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हैल्थ के द्वारा प्रायोजित इस सर्वे के दौरान 611 महिलाओं से बातचीत की गई. ये महिलाएँ गरीब-मध्यम वर्ग से आती थी. सर्वे के नतीजों के अनुसार 42.8% महिलाओं ने माना कि पिछले एक वर्ष के दौरान वे अपने पति के द्वारा प्रताडित की गई हैं. अधिकतर महिलाएँ मानसिक रूप से प्रताडित की गई थी और शारीरिक रूप से तथा सेक्सुअल रूप से प्रताडित महिलाओं की संख्या कम थी. मात्र 2.3% महिलाओं ने माना की उनके पति का व्यवहार एकदम संतुलित है और मात्र 1.2% महिलाओं ने स्वीकार किया कि उनके पति अत्यधिक हिंसक व्यवहार करते हैं.
परंतु सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 54% महिलाओं ने माना कि उनके पति उन पर निर्भर करते हैं और उनसे बेहद प्यार करते हैं, 21% महिलाओ ने माना कि उनके पति में बुराईयों से अधिक अच्छाईयाँ हैं.
इस शोध से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं की मानसिक स्थिति को समझने का बहुत कम प्रयास किया जाता है. जरूरत इस बात की है कि आखिर प्रताडना की शिकार महिलाएँ अपने अधिकारों के लिए आगे नहीं आती तो इसकी वजह क्या है? यह अभ्यास इसी कड़ी का एक हिस्सा है और इससे काफी उपयोगी जानकारी मिली है परंतु अभी और भी अभ्यास किए जाने बाकी हैं.

