ये मात्र डिजिटल ऑडियो ट्रेक हैं जिन्हें आप सुन सकते हैं. कुछ ट्रेक मुफ्त उपलब्ध हैं तो कुछ के लिए आपको रकम चुकानी होती है. ये ऑडियो ट्रेक अमेरिका के ओकलोहोमा प्रांत की विद्यालयों के छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय हुए हैं. वजह - इनसे नशा भी होता है! न्यूज़ओके की खबर के अनुसार ओकलोहोमा की कई स्कूलों के छात्र आई-डॉज़ नामक इस नशे के शिकार हो रहे हैं. यह एक मोनोटोन धून है जिसे लगातार सुनने से नशे की सी हालत हो जाती है.
कैसे किया जाता है यह नशा?
इस अनोखे प्रकार के नशे का अनुभव करने के लिए छात्र किसी ऐसी जगह जाते हैं जहाँ एकदम अंधेरा हो. इसके बाद वे अपने कानों में ऑडियो जैक लगा लेते हैं और फिर आई-डोज़ से डाउनलोड किए गए ऑडियो ट्रेक सुनते हैं. वैसे ये ट्रेक जरा भी कर्णप्रिय नहीं हैं, परंतु देर तक इसे सुनते रहने से दिमाग सुन्न हो जाता है और इंसान एक ऐसी स्थिति में पहुँच जाता जहाँ उसे नशे का अनुभव होने लगता है.
जब स्कूल अधिकारियों को इस बात का पता चला तो उन्होनें उन छात्रों के अभिभावकों को खबर थी. सभी हैरान थे क्योंकि आज तक डिजिटल मादक पदार्थों के बारे में सुना ही नहीं गया था.
परंतु आई-डोज़ के मालिक निक एस्टन इस बात से सहमत नहीं हैं कि उनकी साइट से डाउनलोड किए जाने वाले ऑडियो ट्रेक घातक हैं. उनका कहना है कि - ये ऑडियो ट्रेक एकदम सुरक्षित हैं. बल्कि इन्हें तो बनाया ही इसलिए गया है कि छात्र सचमुच के मादक पदार्थों का सेवन छोड़ सकें. आई-डोज़ के संगीत में इस तरह के बीट समाहित किए गए हैं जिन्हें सुनने से सुखद अहसास होता है.
परंतु निक एस्टन ने यह भी स्वीकार किया कि इन ऑडियो ट्रेकों से भी नशा हो सकता है. उन्होने कहा कि इस प्रकार के संगीत को लगातार सुनना ठीक नहीं है. इससे स्वभाव में बदलाव आ सकता है.
जो भी हो परंतु यह सच है कि इस प्रकार के संगीत को सुन रहे किशोर एक नए प्रकार के नशे के शिकार हो रहे हैं जो कि वास्तव में गैरकानूनी भी नहीं है!

