क्या शयनकक्ष या बेडरूम को अब सहशयन के प्रतिक के तौर मान्यता देना गलत है. विकसित देशों का ट्रेंड तो यही बता है. अमेरिका की नेशनल स्लीप एसोशिएशन के द्वारा 2005 में करवाए गए एक सर्वे के अनुसार अमेरिका के 25% विवाहित जोड़े अलग अलग शयनकक्षों में सोते हैं और उसे महत्व भी देते हैं. यही हाल इंग्लैंड और जापान का भी है. अब अधिकाधिक दम्पत्तियाँ यह मानने लगी हैं शयनकक्ष "प्रेम करने का" स्थान ही नहीं है. वह तो कहीं भी हो सकता है. परंतु अब दम्पत्तियों को अपना एक कमरा चाहिए जो उनके हिसाब से बना हो और जहाँ उनकी "नींद" उनकी अपनी हो. न्यूयार्क टाइम्स की खबर के अनुसार नेशनल एसोशिएशन ऑफ होम बिल्डर का मानना है कि 2015 तक शहरी गृहनिर्माण की डिजायनों में बडा फेरबदल आ जाएगा और एक मास्टर बेडरूम की जगह दो मास्टर बेडरूम की मांग जोर पकड़ लेगी. दम्पत्तियाँ अपने लिए कम से कम दो बडे बेडरूम चाहेगी जिसे पति और पत्नी अपने अपने हिसाब से उपयोग में लेंगे और सजाएंगे.
इस ट्रेंड को हॉलीवुड सेलिब्रिटियाँ भी बढावा दे रही है. गोसिप पत्रिकाओं और साइटों पर ऐसी खबरे छपती रहती है कि कैसे ब्राड पिट और एंजेलिना जोली अलग अलग कमरों में सोते हैं और कैसे एक सेलिब्रिटी ने स्वीकार किया कि वे अपनी पत्नी के साथ नहीं सोते क्योंकि उन्हें अकेले सोना अच्छा लगता है और फिर बेडरूम "सेक्स" के लिए तो नहीं है. बेडरूम अच्छी नींद लेने और अपने लिए एकांत प्राप्त करने की जगह है जो उन्हें तभी मिल सकती जब उनके पास अपना "खुद का" कमरा हो.
एक जानेमाने साइकोलोजिस्ट के अनुसार बदल रही शहरी [और ग्रामीण] जीवनशैली की वजह से भी इस ट्रेंड को बढावा मिल रहा है. देर तक काम कर ऑफिस से घर लौटने वाला पति टीवी पर हल्के फुल्के कार्यक्रम और समाचार देखता है और तब तक उसकी पत्नी बच्चों को सुलाकर सो जाती है. पति के पास इतना समय और इतनी ऊर्जा भी नहीं बचती कि वह फिर पत्नी के पास जाकर बात भी कर सके. ऐसे भी अलग अलग या "कहीं भी" सो जाने की प्रवृति बढ जाती है. इसका ऊल्टा भी होता है जब पत्नी देर रात तक अपने पसंदीदा सोप ऑपेरा देखे और तब तक पति को नींद आ जाए.
इसकी एक और बडी वजह सहनकक्ष में पालतु जानवरों, ऑफिस और गैजेटों की मौजूदगी भी है. कई दम्पत्तियाँ अपने साथ अपने बच्चों को और यहाँ तक कि अपने पालतु जानवर को भी सुलाती हैं. देर रात तक ऑफिस का काम होता है या फिर मोबाइल पर अगले दिन की मिटिंग तय होती है. यही नहीं "ट्विटर" और "फेसबुक" अपडेट और ईमेल भी सोने से पहले और सुबह उठकर बाथरूम में जाने से पहले चैक किए जाते हैं. इसमें मग्न पति और पत्नी के पास एक दूसरे पर ध्यान देने का समय नहीं होता.
सहनकक्ष अब "शयन" के लिए ही इस्तेमाल नहीं किया जाता. जमाना बदल रहा है और ट्रेंड भी.

