और एथलैटिक्स में बड़े बड़ों को पीछे छोड़ रहें है 73 साल के इलम चंद सिरसा (रविंद्र सिंह). अगर कुछ करने का जुनून हो, और इरादे नेक व बुलंद तो कुछ भी असंभव नही है.
ऐसा ही कुछ करिश्मा कर दिखाया सिरसा में रहने वाले 73 वर्षीय योग खिलाड़ी व वयोवृद्ध एथलीट इलम चंद ने. जिन्होंने रिटायरमेंट के बाद 60 साल की उम्र में खेलकूद को अपने जीवन में अपनाया, और न केवल मिसाल कायम की, अपितु खेलों में बुलंदियों को भी छुआ. बुढ़ापे में जब लोग अपना समय इधर उधर अपने हम उम्र साथियों के बीच में बैठकर व पोते पोतियों की उंगलियां थामकर गुजार देते है वहीं इस उम्र में बिना किसी पूर्व अनुभव व प्रशिक्षक के योग का दामन थामने वाले इलम चंद ने न केवल अपने स्वास्थ्य को दुरूस्त कर लिया अपितु योग व एथलैटिक्स में अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय व प्रादेशिक स्तर पर आयोजित मुकाबलों में पदकों के ढेर भी लगा दिए. उन्हे योग व ट्रैक पर दौड़ता देखकर हर किसी के मुंह से बरबस ही निकल पड़ता है कि ये बुढ़ा तो कमाल का है, इसने तो जवानों को भी मात दे रखी है. नियमित योग ने बदली जिन्दगी
मूल रूप से उत्तरप्रदेश के बागपत जिले के गांव रणछाड़ के रहने वाले अंतर्राष्ट्रीय वयोवृद्ध योग खिलाड़ी इलम चंद वर्तमान में डेरा सच्चा सौदा में स्थित शाह सतनाम पुरा कालोनी में रह रहे हैं. इलम चंद ने बताया कि करीब साठ वर्ष की आयु तक वह अध्यापन कार्य से जुड़े रहे तथा 1998 में बतौर वीपी इंटर कॉलेज बीजवाड़, मेरठ कालेज प्राचार्य सेवानिवृत हुए. उन्होंने बताया कि उस दिन से उन्होंने योग का नियमित अभ्यास किया और धीरे-धीरे प्रतियोगिताओं में भाग लेने लगे. इलम चंद का कहना है कि जब वे अध्यापन कार्य करते थे, तो उन्हें अनेक तरह के शारीरिक रोग थे, जिनमें शुगर, खांसी में खुन आना, नेत्र रोग के साथ-साथ चिकित्सकों ने कैंसर व टीबी रोग की भी चेतावनी दे दी थी, परंतु जब से उन्होंने योग को अपने जीवन में आत्मसात किया तब से उनका शरीर पूर्णत निरोग है. वे नियमित कई किलोमीटर तक दौड़ लगाते है, हलवा खाते है और बच्चों के साथ योग की विभिन्न क्रियाएं करते है.
अब तक जीते हैं 73 राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पदक
उन्होंंने बताया कि वर्तमान में वह योग, एथलैटिक्स व पोल वाल्ट खेलों में भाग ले रहे है. इस समयावधि के दौरान उन्होंने योग व एथलैटिक्स में अंतराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर 73 मेडल जीते है, जिनमें एथलेटिक्स में 3 गोल्ड, 1 रजत व 2 कांस्य पदक तथा योगा में 2 गोल्ड, 1 सिल्वर व 6 ब्रोंज मेडल शामिल है. योगा के साथ साथ फर्राटा दौड़, मेराथन रेस, लंबी व उंची कूंद, ज्वैलिन, डिस्कस और पोलवाल्ट आदि खेलों में भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके है. इसके साथ ही शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थान से जुड़े खिलाडिय़ों को योग की पै्रक्टिस करवाते है. उन्होंने बताया कि उन्होने मैराथन दौड़ में भाग लिया है, ट्रैक पर उन्हे दौड़ता देखकर दर्शकों के साथ साथ उनके साथ दौडऩे वाले धावक भी हैरत में पड़ जाते है. उनके द्वारा प्रशिक्षित अनेक खिलाड़ी योग के क्षेत्र में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छाए हुए है. इसके अलावा इलमचंद डेरा सच्चा सौदा में स्थित नैचूरोपैथी अस्पताल में अपनी भी सेवाएं दे रहे है. इसके साथ साथ इलम चंद ने योग क्षेत्र में अपना अध्यन्न कार्य आरंभ करते हुए दिल्ली स्थित अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद के द्वारा नेचूरोपैथी योगा साईंस में डिप्लोमा कर रहे है, तथा प्रथम वर्ष में फस्र्ट डिवीजन हासिल की है. इलम चंद मलेशिया में आगामी 6 दिसम्बर से 12 दिसम्बर तक आयोजित होने वाली इंटरनेशनल वेटरन एथलीट चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए जाएंगे.

