क्या "भगवान की अपनी धरती" केरल का तेजी से तालिबानीकरण हो रहा है? क्या केरल में मुस्लिम धर्मांधता तेजी से फैल रही है? विगत कुछ दिनों में घटित हुई घटनाओं से तो यही लग रहा है. एक प्रोफेसर का हाथ काट देने का मामला अभी शांत भी नहीं पडा था कि एक और घटना ने इस इस विकट समस्या की तरफ ध्यान आकर्षित किया है.
एक मुस्लिम महिला रयाना काज़ी ने अदालत में अर्ज़ी दाखिल की है कि पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का कथित सदस्य मुहम्मद कावुगली उसे परेशान कर रहा है और उसे पर्दे में रहने के लिए दबाव बना रहा है.
आज जस्टिस के. एम. जोसेफ और एम.एल. जोसेफ की खंडपीठ ने कावुगली को हाजिर होने के लिए कहा है.
रयाना ने शिकायत की है कि उसे उसके समुदाय के कट्टरपंथी तत्व जीने नहीं दे रहे. वे उसपर दबाव डाल रहे हैं कि पर्दे मे रहो.
रयाना ने कहा कि वह जून 2009 से परेशान की जा रही है. दो सप्ताह पहले उसे खत मिला था जिसमें लिखा था कि वह इस्लाम का अपमान कर रही है और परिणाम भूगतने को तैयार रहे.
रयाना ने कहा कि कट्टरपंथी लोग उसे जींस और शर्ट नहीं पहनने दे रहे. उनका कहना है कि इस्लाम मे यह हराम है.
रयाना ने महिला आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई है और अब वह केरल छोड़ तमिलनाडु जाना चाहती है.
केरल में पिछले कुछ महिनों से इस्लामी कट्टरवाद तेजी से बढा है. स्वयं मुख्यमंत्री अच्युतानंद इस बारे में चिंता व्यक्त कर चुके है.

