अफ़गानिस्तान की बीबी आयशा 19 वर्ष की है. अलिशा का नाम शायद कभी सुर्खियों में नहीं आता परंतु एक दिन उसके तालिबानी पति ने उसको ऐसी सजा दी (उसका नाक काट दिया गया) जिससे आयशा सुर्खियों में आ गई. परंतु आयशा को इससे शायद ही खुशी होती. आयशा ने ना केवल भयंकर यातनाओं का सामना किया बल्कि उसकी जान भी जाते जाते बची.अमेरीका की टाइम्स पत्रिका ने आयशा की कहानी को प्रमुखता से छापा और पूछा कि क्या यह अफगानिस्तान का भविष्य है?
आयशा को कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं का साथ मिल और अमेरीका में उसका उपचार किया गया. आयशा का नाक अब ठीक हो चुका है. आयशा ने अब सर्जरी से तैयार किये गये अपने नये चेहरे के लिए अमेरिकी शल्य चिकित्सकों का शुक्रिया अदा किया है.
आयशा जब 12 साल की थी जब उसका निकाह कर्ज चुकाने के लिए एक तालिबान आतंकवादी के साथ कर दिया गया था. उसके साथ आतंकवादी और उसके परिवार ने बुरा बर्ताव किया.
आयशा के साथ जो हुआ उससे ना केवल तालिबानियों के अत्याचारों की तरफ एक बार फिर लोगों का ध्यान गया, बल्कि अफगानिस्तान की महिलाओं की व्यथा भी सामने आई. आयशा की पूरी कहानी यहाँ पढें.

