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अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

7 उपयोगी उपकरण, तब और अब

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ये सात गैजेट और इलेक्ट्रोनिक डिवाइज़ हम हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल करते हैं. इन डिवाइजों ने अपने आविष्कार के बाद से अब तक इनकी डिजाइन और फीचर में काफी बदलाव आए हैं. लेकिन अब हम लगभग भूलने लगे हैं कि ये डिवाइज मात्र कुछ वर्षों पहले तक कैसे लगते थे.

टेलीविजन
tv
1920 में टेलीविजन का आविष्कार हुआ और आज इसे सबसे क्रांतिकारी आविष्कारों में से एक माना जाता है. 90 के दशक में टीवी काफी बड़े हुआ करते थे. तब पिक्चर ट्यूब भी गोलाकार हुआ करती थी और कैथेड रे ट्यूब तकनीक पर आधारित उसकी फ्लोरोसेंट स्क्रीन पर चित्र दिखाई देते थे.

आज टेलीविजन मात्र 1 इंच की मोटाई वाले स्क्रीन के साथ आती है जो एलसीडी, प्लाज़्मा, डीएलपी या ओएलईडी तकनीक पर आधारित होती है.


लैपटोप
laptop
किसी समय इसे मात्र शौख की वस्तु माना गया था लेकिन आज लैपटोप एक अत्यधिक उपयोगी गैजेट बन चुका है. 1996 तक कुल कम्प्यूटरों की खरीद में लैपटोप का हिस्सा मात्र 17% हुआ करता था. लेकिन 2011 तक लैपटोप की बिक्री अन्य डेस्कटाप कम्प्यूटरों की बिक्री से अधिक हो जाएगी ऐसा अनुमान है.

90 के दशक के लैपटोप काफी भारी होते थे और 256 रंग ही दिखाते थे. उस समय की कम्प्यूटर तकनीक भी इतने ही रंगो को समर्थन देती थी. आज के लैपटोप काफी पतले और हल्के होते हैं और अत्याधुनिक भी.


सेल फोन
cellphone
सेल फोन आज हमारी जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं. एक व्यक्ति के पास एक से अधिक सेल फोन होने लग गए हैं. आज हर किसी के पास अपना मोबाइल फोन है. लेकिन 80 के दशक में अमेरिका और यूरोप के देशों और 90 के दशक में भारत में जब इनका आगमन हुआ था तब स्थिति ऐसी नहीं थी. 16 रूपए प्रति मिनट की कॉलिंग दर हुआ करती थी और मोबाइल फोन रखना रईसी में बढावा करता था.

मोबाइल फोन भी इतने बड़ॆ और भारी होते थे कि वे वॉकी टॉकी जैसे दिखते थे और उन्हें जेब में रखना भी असम्भव था.

आज तकनीक काफी विकसित हो चुकी है और मोबाइल फोन भी हल्के और छोटे हो गए हैं और पहले से कहीं अधिक परिष्कृत और सुविधाजनक भी.


पोर्टेबल संगीत डिवाइज़
audio
संगीत के क्षैत्र में तकनीक ने जितनी तेजी से प्रगति की है, उतनी प्रगति अन्य किसी डिवाइज में नहीं दिखती. पुराने जमाने में रिकार्ड हुआ करते थे जिन्हें ग्रामोफोन पर बजाया जाता था. 90 के दशक तक ऑडियो कैसेट टेप का जमाना आ गया. ऑडियो कैसेट टेप को किसी ट्रांसीस्टर या फिर वॉकमैन में लगाकर बजाया जा सकता था. एक कैसेट में एक ही एल्बम आता था.

आज कई तरह के ऑडियो डिवाइज उपलब्ध हैं और उनमें से सबसे लोकप्रिय डिवाइज़ एपल का आईपोड है. अब आईपोड पर ना केवल संगीत बल्कि वीडिओ और तस्वीरें भी देखी जा सकती है. एमपी3 फोर्मेट के आने के बाद एक साथ हजारों गाने संग्रहित कर रखना सरल हो गया है. ऑडियो कैसेट टेप को तो अब कोई याद भी नहीं करता.


रोबोट
robot
रोबोटिक क्षैत्र में वर्षों से संशोधन होता आया है और वैज्ञानिक काफी पहले से छोटे – बड़े रोबोट बनाते आए हैं. एक समय आया जब ह्यूमनोइड रोबोट बनाने की होड़ सी शुरू हो गई. 2005 में होंडा ने जब अपना अति आधुनिक ह्यूमनोइड रोबोट असीमो लॉंच किया तो दुनिया हैरत से देखती रह गई. इससे पहले के रोबोट इंसानों के जैसे तो बिल्कुल नहीं दिखते थे, लेकिन असीमो इंसान के काफी करीब की मशीन थी.

आज कई प्रकार के ह्यूमनोइड रोबोट बाजार में उपलब्ध हैं.


वीडियो गेम
video-game
वीडियो गेम मनोरंजन के श्रेष्ठ विकल्पों में से एक हैं. पहले के वीडियो गेम कैसेट आधारित होते थे. सबसे पहला वीडियो गेम कंसोल अटारी 2600 था. और उसके बाद 8 बिट नाइटेंडो सिस्टम आया.

आज सोनी प्लेस्टेशन, माइक्रोसोफ्ट एक्सबॉक्स और नाइटेंडो के ही आधुनिक गेमिंग कंसोल बाजार में उपलब्ध हैं.


स्टोरेज डिवाइज
memory
90 के दशक को याद कीजिए. 1.2 एमबी की फ्लोपी ड्राइव कितनी उपयोगी लगती थी. एक कम्प्यूटर से डेटा कॉपी कर दूसरे कम्प्यूटर तक ले जाने के लिए फ्लोपी ड्राइव की मदद ली जाती थी. लेकिन ये फ्लोपियाँ काफी जल्दी खराब हो जाती थी. इसके बाद 100 एमबी की ज़िप ड्राइव आई और काफी लोकप्रिय हुई.

इसके बाद का जमाना सीडी का था. और अब यूएसबी का. यूएसबी एक छोटा स्टोरेज माध्यम है जो 1 जीबी से लेकर 8 या 16 जीबी की स्टोरेज क्षमता के साथ आता है. यह काफी भरोसेमंद स्टोरेज डिवाइज है और सस्ता भी.
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