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7 भविष्याणियाँ पृथ्वी के विनाश की, जो गलत साबित हुई

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जब से मानव ने समझ हासिल की है, तब से वह कयामत के दिन की कल्पना करता है. दुनिया का अंत कैसे होगा? क्या विनाशलीला आएगी? ऐसे कई सवाल हैं जिनके जवाब आज भी खोजे जा रहे हैं. कई बार पृथ्वी के विनाश की भविष्यवाणी की गई थी, लेकिन हर बार वह मात्र एक कल्पना भर साबित हुई. प्रस्तुत है 7 ऐसी ही भविष्यवाणियों की सूची:

 
माउंट वैसुवियस का तांडव
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इटाली के माउंट वैसुवियस के धधकते ही रोमन साम्राज्य की नीवँ हिल गई थी. यह 79 A.D. की बात है. इस ज्वालामुखी के फटने से करीब 25000 लोग मारे गए थे और पोम्पी और हरक्यूलेनियम शहर तबाह हो गए थे. रोमनों ने मान लिया था कि अब दुनिया का अन्त होने जा रहा है. 

लंदन का प्लेग
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16वीं शताब्दी में ब्रिटेन में कई बार प्लेग का कहर फैला. लेकिन 1665 का प्लेग सबसे भयावह था. लगभग पूरा लंदन शहर इसकी चपेट में था. बार बार प्लेग के फैलने से लोगों ने भविष्यवाणी की – पृथ्वी का अंत निकट है.

हैली धूमकेतु
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1910 में विशाल हैली धूमकेतु धरती के समीप से गुजरा. कई यूरोपीय और अमेरिकी लोगों ने इस कपोल कथा पर यकीन कर लिया था कि इस धूमकेतु की पूँछ से गैसों का रिसाव हो रहा है और इससे पृथ्वी का वातावरण प्रदुषित होगा और एक दिन दुनिया खत्म हो जाएगी.

मई 5, 2000
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एक लेखक रिचर्ड नून ने भविष्यवाणी की थी कि 5 मई 2000 को सभी ग्रह एक पंक्ति में आ जाएंगे. इससे बर्फ पिघलने लगेगी और पृथ्वी पर विनाशलीला आएगी. सब मारे जाएंगे.

Y2K
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जब 19वीं सदी समाप्त होने जा रही थी तब एक अनोखे डर ने करोड़ों लोगों को प्रभावित किया. यह डर था Y2K बग का. कम्प्यूटर घड़ियों में वर्ष दिखाने के लिए दो अंको का इस्तेमाल होता है और 99 के बाद यदि वर्ष 00 हो गए तो क्या होगा? इस सवाल के कई विचित्र जवाब गढे गए. दुनिया की संचार व्यवस्था ठप्प हो जाने की कल्पना की गई. सारी प्रणाली ठप्प हो जाने के बाद दुनिया के विनाश तक की कल्पना भी की गई.

 

LHC कोलाइडर
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सितम्बर 2009. वैज्ञानिक बिंग बेंग की व्याख्या को धरती पर परिभाषित करने के लिए जुट गए. Large Hadron Collider से विकिरणों को आपस में टकराया जाना था जिससे ब्लैक हॉल का निर्माण होता. हालाँकि यह परिक्षण तकनीकी कारणों से आगे खिसक गया लेकिन उससे पहले कई लोगों ने दुनिया के विनाश की कल्पना कर ली थी.

2012
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माया कैलेंडर के अनुसार 2012 में दुनिया का विनाश हो जाना है. माया संस्कृति 300 AD से लेकर 900 AD तक मध्य अमेरिका में विकसित हुई थी. यह स्थान आज मैक्सिको नामक देश के रूप में जाना जाता है. माया संस्कृति के लोग प्रखर खगोलशाष्त्री और ज्योतिष थे. उनके द्वारा विकसित लोंग काउंट कैलेंडर 3114 BC से शुरू होता है. इस कैलेंडर के हिसाब से 394 वर्षों के समय को एक बकतुन के तौर पर जाना जाता है.

माया संस्कृति के लोग 13 के आँकड़ॆ को बहुत महत्व देते थे और 13वाँ बकतून 21 दिसम्बर 2012 के आसपास समाप्त होता है.
कई लोग मानते हैं कि उस दिन आकाश में कोई ऊल्का गिरेगी जो व्यापक पैमाने पर तबाही मचाएगी? लेकिन अधिकतर खगोलशाष्त्री इसे मात्र कपोल कल्पना मानते हैं.

2012 आने में देर है. लेकिन यह भविष्यवाणी भी मात्र कल्पना ही साबित होगी ऐसा अनुमान है. 

 
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