मिस यूनिवर्स, मिस वर्ल्ड और मिस एशिया पेसिफिक के बारे में तो हम जानते हैं. परंतु दुनिया में कुछ अनोखा करते रहने की होड़ हमेशा जारी रहती है और लोग नए नए विचार लेकर आते रहते हैं. नहीं हम मिस टुरिज़्म या मिस इन्डिया ब्रिटेन जैसी सौंदर्य प्रतियोगिताओं की भी बात नहीं कर रहे हैं! बात हो रही है कुछ और भी "हट के" प्रतियोगिताओं की - मिस यूनिवर्स, मिस वर्ल्ड और मिस एशिया पेसिफिक के बारे में तो हम जानते हैं. परंतु दुनिया में कुछ अनोखा करते रहने की होड़ हमेशा जारी रहती है और लोग नए नए विचार लेकर आते रहते हैं. नहीं हम मिस टुरिज़्म या मिस इन्डिया ब्रिटेन जैसी सौंदर्य प्रतियोगिताओं की भी बात नहीं कर रहे हैं! बात हो रही है कुछ और भी "हट के" प्रतियोगिताओं की -
1. मिस एटम

इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जरूरी है कि प्रतियोगी महिला की उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच की हो और वह परमाणु व्यापार संबंधित किसी कम्पनी या संस्था से जुड़ी हुई हो. पिछले वर्ष इस प्रतियोगिता में रिकार्ड 340 महिलाओं ने भाग लिया था. सभी महिलाएँ रूस, यूक्रेन और कज़ाकिस्तान की थी.
2. मिस प्लास्टिक सर्जरी
आपका शरीर जितना आपका नहीं होगा उतनी ही अधिक सम्भावना होगी कि आप यह पुरस्कार जीत सकें. इसके लिए कोई उम्र की बाधा नहीं है. बस आपने प्लास्टिक सर्जरी करवाई हुई होनी चाहिए.
यह प्रतियोगिता पहली बार 2004 मे चीन की राजधानी बिजिंग में आयोजित की गई थी और फेंग क्यूआन ने यह प्रतियोगिता जीती थी. इस प्रतियोगिता में वे महिलाएँ भाग लेती हैं जिन्होनें बडॆ पैमाने पर प्लास्टिक सर्जरी करवाई है या फिर जिन्होनें अपना लिंग परिवर्तन करवाया है.
3. मिस प्रेगनेंट
जैसा कि नाम से जाहिर है, इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आवश्यक है कि आप गर्भवती हों. पेरू और रूस से शुरू हुई यह प्रतियोगिता धीरे धीरे दुनिया भर में लोकप्रियता हासिल कर रही है. इस स्पर्धा में प्रतियोगी को बिकीनी पहन कर रेम्प पर चलना होता है और जजों को प्रभावित करना होता है. और इनाम? होने वाले बच्चे के खर्चों की भरपाई के लिए 45000 रूपए.
4. मिस प्रिज़नर
मिस प्रिज़नर जेल में कैद महिलाओं का स्वाभिमान बढाने के उद्देश्य से आयोजित की जानी वाली एक सौदंर्य प्रतियोगिता है. बगोटा, कोलम्बिया की बुएन पेस्टर जेल से इस प्रतियोगिता की शुरूआत हुई और अब साओ पाओलो, रियो द जेनेरियो, नैरोबी, लिथुआनिया आदि कई स्थानों पर यह प्रतियोगिता आयोजित की जाती है. लगभग सभी जगहों पर नकद इनाम दिया जाता है, परंतु साइबेरिया की जेल में कैद महिला कैदी जल्द रिहा होने का इनाम भी पा सकती है.
5. मिस मामा काइलो
भूल जाइए कि सौंदर्य प्रतियोगिताएँ केवल उन महिलाओं के लिए होती हैं, जिनका शरीर छरहरा हो. मिस मामा काइलो एक अलग ही प्रकार की सौंदर्य प्रतियोगिता है. यहाँ भी वजन के ऊपर महत्व दिया जाता है परंतु थोड़ा "हट के". इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आवश्यक है कि महिला का वजन 90 किलो से अधिक हो.
इस प्रतियोगिता में विजेता का चयन उसकी कमर के माप पर आधारित नहीं होता, बल्कि इस बात पर आधारित होता है कि प्रतियोगी दिखने में कैसी है? सामाजिक मुद्दों पर उसकी राय कैसी है? और वह गृहकार्य में कितनी दक्ष है? और इस प्रतियोगिता का उद्देश्य मोटी महिलाओं के प्रति लोगों के नजरिए को बदलना है.
6. मिस मुस्लिम संस्कार
जाहिर है इस तरह की प्रतियोगिता किसी कट्टर इस्लामिक देश में ही आयोजित की जाती होगी. सऊदी अरब में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता का उद्देश्य महिला की बाहरी नहीं बल्कि 'आंतरिक" सुंदरता को प्रदर्शित करना है. प्रतियोगी को सिर से पाँव तक ढककर रहना होता है. विजेता का चयन घरेलु मूल्यों, सामाजिक मुद्दों पर राय और इस्लाम की शिक्षा के ऊपर आधारित होता है.
इनाम काफी बडा है - 1333 अमरीकी डॉलर नकद, एक हीरे की घड़ी और मलेशिया भ्रमण.
7. सिस्टर इटालिया
यह प्रतियोगिता एक इटालियन कैथोलिक पादरी फादर एंटोनियो रंजी की दिमाग की उपज थी. फादर रंजी ने 2008 में अपने ब्लॉग में इस विषय पर लिखा था. उनका इरादा था ननों के लिए सौदंर्य प्रतियोगिता करवाने का. लोग अलग अलग नन की तस्वीरों और उनकी आध्यात्मिक गतिविधियों के आधार पर सबसे सुंदर नन का चयन करते. लेकिन जब तक कि यह प्रतियोगिता आयोजित हो पाती, कई सारे विवाद खड़े हो गए. अन्त मे फादर रंजी ने अपनी योजना ठंडे बस्ते में डाल दी.

