ये नए शहर दुनिया की अर्थव्यवस्था को एक नई ऊँचाई दे सकते हैं. इनमें से अधिकतर शहर एशिया में विकसित हो रहे हैं और शायद इसलिए कहा भी जाता है कि आगामी वर्षों में दुनिया की अर्थव्यवस्था की अगुआई एशिया महाद्विप ही करेगा.
बहरहाल दुनिया में जो नए शहर विकसित किए जा रहे हैं उनमें से 7 चुने हुए विशेष शहरों की सूचि -
द पर्ल, कतर

कतर की राजधानी दोहा के समीप समुद्र में बन रहे इस नए शहर की विशेषता यह है कि यह दुबई के प्रसिद्ध पाम आईलैंड की तर्ज पर बन रहा है. समुद्र के एक हिस्से में मिट्टी भरकर कृत्रिम टापु बनाए जा रहे हैं जो मोती के आकार के होंगे. यहाँ कई लग्ज़री विला और 3 पाँच सितारा होटलें भी होंगी.
पहले यह प्रोजेक्ट 2013 में समाप्त हो जाना था परंतु वैश्विक मंदी की मार के चलते प्रोजेक्ट पीछे खिसकाया गया है.
धोलेरा, भारत

भारत के गुजरात राज्य में अहमदाबाद से करीब 100 किमी दूर धोलेरा गाँव और आसपास के इलाकों में यह नया शहर आकार लेने जा रहा है. धोलेरा स्पेशयल इंवेस्टमेंट रीजन के तौर पर विकसित किया जाना है जो बहुप्रतिक्षित दिल्ली-मुम्बई इंडस्ट्रियल कोरिडोर का हिस्सा होगा.
धोलेरा उन पाँच नए शहरों में शामिल है जिन्हें केन्द्र सरकार देश के विभिन्न हिस्सों में बनाना चाहती है. धोलेरा इन सभी नए शहरों में सबसे बड़ा और आधुनिक शहर होगा. यहाँ एक नया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनेगा और अहमदाबाद से जोड़ने के लिए मेट्रो रेल होगी.
नायपीदा, म्यानमार

नायपीदा म्यानमार की नई राजधानी है जो रंगून से 200 मील उत्तर में स्थित है. 2005 में म्यानमार की सैन्य सरकार ने निर्णय लिया कि रंगून की बजाय एक नई राजधानी बनानी चाहिए. इस तरह से नायपीदा यानी "सम्राटों का शहर" की परिकल्पना की गई और यह शहर आकार लेने लगा.
इसका निर्माण कार्य आज भी जारी है परंतु यहाँ 10 लाख लोग रहते हैं. यह शहर हराभरा है और यहाँ कई बाग बगीचे हैं.
गिफ्ट सिटी, भारत

यह गुजरात सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है. गिफ्ट सिटी यानी गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक सिटी गुजरात की राजधानी गांधीनगर और अहमदाबाद के बीचो बीच निर्मित की जा रही है.
यह एक वाणिज्यिक शहर होगा जहाँ आईटी, इंजीनियरिंग और वित्त संबंधित व्यापारिक प्रतिष्ठान होंगे. इसके अलावा यहाँ नागरिक आवास की सुविधा और शैक्षणिक संस्थान होंगे. यहाँ 80 मंजिला डायमंड टावर होगा. यह देश की सबसे ऊँची इमारत होगी. इसके अलावा दो सिग्नेचर टावर होंगे और कई अन्य ऊँची इमारते होंगी.
डायमंड टावर एक कृत्रिम टापू पर बनेगा. इस शहर को मेट्रो रेल और बीआरटी से जोड़ा जाएगा. राज्य सरकार का अनुमान है कि यहाँ कम से कम 30 लाख लोग रहेंगे.
मस्दर सिटी, यूएई

अबु धाबी के बाहरी इलाके में बन रही मस्दर सिटी दुनिया की पहली पूर्ण इको सिटी बन सकती है. इसके निर्माता इसे कार्बन मुक्त और पूरी तरह से जीरो वेस्ट वाली बनाना चाह्ते हैं. यहाँ करीब 50 हजार लोग रहेंगे.
इस शहरी परियोजना की लागत 22 बिलियन डॉलर है और यहाँ कई शैक्षणिक संस्थान बनाए जाएंगे. लोगों के परिवहन के लिए मास ट्रांजिट सिस्टम होगा और निजी वाहन को प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा.
शेजोंग सिटी, दक्षिण कोरिया

दक्षिण कोरिया की सरकार ने 2005 में इस परियोजना को मंजूरी दी तब यह दक्षिण कोरिया की नई राजधानी के रूप में विकसित की जानी थी. परंतु आज शेजोंग सिटी शिक्षा, विज्ञान और व्यापार की राजधानी के रूप में विकसित हो रही है.
यह शहर सिओल से 100 मील दक्षिण में स्थित है और इस शहर का निर्माण कार्य 2020 तक चलेगा. यहाँ 5 लाख लोग रहेंगे. यहाँ दक्षिण कोरिया के सभी बडे वैज्ञानिक प्रतिष्ठान स्थापित किए जाने हैं.
तियानजिन इको सिटी, चीन

चीन के ऊपर पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने के आरोप लगते रहते हैं, शायद इसलिए चीन अब एक इको सिटी बना रहा है. वैसे चीन ने पहले भी कई इको सिटी बनाए हैं परंतु तियानजिन इन सबसे अलग है. यह 22 बिलियन डॉलर की परियोजना 11.5 वर्ग मील इलाके में निर्मित हो रही है. यहाँ ग्रीन पब्लिक ट्रांस्पोर्ट सिस्टम है.
इस शहर का पहला भाग अगले वर्ष तक पूर्ण हो जाएगा. यहाँ 3.5 लाख लोग रहेंगे.

