एक शोध से पता चला है कि आधुनिक जमाने के नकली सुपरहीरो बच्चों के लिए आदर्श नहीं है और उनसे अभिभावकों के लिए परेशानी खडी हो रही है. मैसाच्युसेट्स इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिकों ने अपने नए शोध के द्वारा साबित किया है कि आधुनिक सुपरहीरो आदर्शवाद से कोसों दूर है और उनसे समाज को खतरा अधिक है.
शोध के अनुसार पुराने जमाने के सुपरहीरो सामाजिक न्याय में भरोसा करते थे परंतु नए सुपरहीरो आक्रामक होते हैं और वे मात्र हिंसा में यकीन करते हैं. नए सुपरहीरो मानवता के लिए नहीं बल्कि स्वार्थ के लिए काम करते हैं.
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार मैसाच्युसेट्स विश्वविद्यालय की डॉ. शैरोन लैंब कहती हैं कि बीते जमाने की कॉमिक्स के सुपरहीरो और फिल्मों में दिखने वाले आज के सुपरहीरो में जमीन आसमान का अंतर है. उदाहर के लिए आयरनमैन को देखा जा सकता है. यह सुपरहीरो अमीर है और साथ ही स्वार्थी भी है.
इस तरह के हीरो सामाजिक न्याय की बात नहीं करते बल्कि हिंसक और आक्रामक होते हैं तथा निजी स्वार्थों के लिए लडते हैं.
पुराने जमाने के सुपरहीरो समाज की रक्षा भी करते थे और अपनी आजिविका कमाने के लिए इमानदारी से काम करते थे. सुपरमैन और स्पाइडमैन पत्रकार थे, वहीं ग्रीन लैंटर्न इंजीनियर था. मगर नए सुपरहीरो शुरू से अमीर ही दिखाई जाते हैं और घमंडी भी.
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