Monday, Feb 13th

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

फैज़ल शहज़ाद की कहानी

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faisal-shahzadन्यूयार्क के टाइम्स स्कैवर पर खड़ी निस्सान एसयूवी कार के ड्राइवर को गए काफी समय हो गया लेकिन वह लौटा नहीं. पास ही में टी-शर्ट बेचने वाले एक व्यक्ति को इससे शक हुआ और उसने पुलिस को बुलाया. और इस तरह से एक बडा आतंकी हमला होते होते बच गया. उस एसयूवी कार में बड़ी मात्रा में विस्फोटक थे और यदि विस्फोट हो जाता तो बडी संख्या में जानहानि होने की सम्भावना थी.

इस षडयंत्र का मुख्य आरोपी फैज़ल शहजाद अब एफबीआई की गिरफ्त में है और उससे पूछताछ जारी है. फैज़ल मूलत: पाकिस्तानी है परंतु उसने अमरीकी नागरिकता ले ली थी. इसके पीछे उसका उद्देश्य लोगों के शक को कम करना और मुक्त रूप से विचरण हो सकता है.

फैज़ल के पिता पाकिस्तानी वायुसेना के सेवानिवृत एयर वाइस मार्शल हैं और उनका परिवार पेशावर में रहता है. पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक के अनुसार फैज़ल का पुश्तैनी गाँव पब्बी है जो पेशावर के समीप ही है.

फैज़ल का जन्म 30 जून 1979 को पेशावर में हुआ था. हालाँकि उसने अपनी कॉलेज दाखिला आवेदन पत्र पर अपना जन्म स्थान कराची लिखा है, परंतु वह सही नहीं है. पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार उसका जन्म पेशावर या पब्बी में हुआ था.

1998 में फैज़ल को अमरीका से विद्यार्थी विज़ा मिल गया और वह अमरीका चला गया.

2000 मे उसने ब्रिजपोर्ट विश्वविद्यालय से कम्प्यूटर एप्प और सूचना सिस्टम में डिग्री हासिल की.

2005 में ब्रिजपोर्ट विश्वविद्यालय से ही उसने एमबीए की डिग्री हासिल की.

2006 से लेकर 2009 तक उसने एक फाइनेंस मार्केटिंग कम्पनी में जूनियर फाइनेंस एनालिस्ट की नौकरी की.

2008 में फैज़ल ने एक अमरीकी महिला हुमा मियाँ से शादी की और उसी के आधार पर अमरीकी नागरिकता के लिए आवेदन किया. अगले वर्ष उसका आवेदन स्वीकार कर लिया गया. फैज़ल अब अमरीकी नागरिक बन चुका था. इसके बाद उसने देर नहीं की और उसी वर्ष जून में वह दुबई गया और वहाँ पाकिस्तान. उसने अमरीका से सीधा पाकिस्तान जाने का जोखिम नहीं उठाया.

जुलाई 2009 में फैज़ल पेशावर गया और एक ट्रक किराए पर लिया. उस ट्रक से वह आसपास के इलाकों में घुमता था. सम्भावना जताई जा रही है कि इस दौरान वह पश्चिमोत्तर प्रांत के पाकिस्तानी तालिबानी तत्वों से मिला था और उसने उनके कैम्पों में ट्रेनिंग भी ली.

3 फरवरी 2010 को फैजल अमरीका लौट आया. उसने अधिकारियों को बताया कि वह इतने महिने इसलिए बाहर था क्योंकि उसे अपने माता पिता के साथ समय बिताना था. फैज़ल की पत्नी हुमा और उसके दो बच्चे [सम्भावित] पाकिस्तान में ही रहे और फैज़ल के साथ नहीं आए.

अप्रैल 2010 में फैज़ल ने कई सिमकार्ड खरीदे और एक सेकंड हैंड निस्सान पाथफाइंडर कार भी. उसके मोबाइल पर पाकिस्तान से फोन आने शुरू हो गए. फैज़ल ने इसके बाद एक एसयूवी कार भी खरीदी.

1 मई 2010 को उसने विस्फोटकों से लदी अपनी कार टाइम्स स्कैवर पर खड़ी की और वहाँ से चला गया. उसे उम्मीद थी कि कोई बड़ा धमाका होगा परंतु ऐसा हुआ नहीं.

3 मई 2010 को फैज़ल को कैनेडी हवाईअड्डे से गिरफ्तार कर लिया गया. उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है और मामले की जाँच जारी है.

इस घटना से यह साबित होता है कि पाक प्रेरित आतंकवाद ना केवल भारत और अमरीका बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी है.
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