
11 जून से 11 जुलाई के बीच चलने वाले फुटबॉल विश्व कप की यह 19वीं प्रतियोगिता है. वहीं किसी अफ्रीकी देश में होनी वाली फुटबॉल विश्वकप की यह पहली प्रतिस्पर्धा है. इसमें 32 देशों की टीमें भाग ले रही है. पूरे 31 दिनों तक पूरा विश्व फूटबॉलमय रहने वाला है. ऐसे में फूटबॉल मैचों के दौरान जो शब्द बार बार सुनाई देते है उनके बारे में जानने की उत्सुकता जन्म लेती है. आइए जानते हैं ऐसे ह ई कुछ शब्दों के बारे में :
डी एरीया : गोल पोस्ट के बाहर बनाए गए चौकोर हिस्से को छोटा डी व उसके बाहर बने चौकोर को बड़ा डी कहा जाता है.
कॉर्नर किक : डिफेंडर खिलाड़ी को छू कर गेंद डिफेंडर की गोल लाइन को पार कर जाए तो कॉर्नर किक मिलती है.

थ्रो इन : गेंद साइड लाइन से बाहर निकल जाए तो थ्रो मिलता है. जिस दल के खिलाड़ी ने अंतिम बार गेंद को छुआ हो उसके विरोधी दल के खिलाड़ी को थ्रो मिलता है. इसमें कीक मारने की अनुमति नहीं होती.

पेनल्टी किक: रेफरी को अगर लगता है की किसी खिलाड़ी ने विरोधी दल के किसी खिलाड़ी को जानबुझ कर चोट पहुँचाई और उसे रोका या गम्भीर फाउल किया है तो पेनल्टी किक मिलती है. गोल पोस्ट के सामने पेनल्टी स्पोट से किक मारनी रहती है तथा सामने गोलकीपर के अलावा कोई खिलाड़ी नहीं होता.

डायरेक्ट फ्री किक: डी एरिया से बाहर फाउल होता है तब रेफरी फ्री किक दे सकता है. इस किक के समय डिफेंडर दीवार बन कर खड़े नहीं रह सकते.

इनडायरेक्ट किक: बड़ी डी के टॉप के पास फाउल होता है तब इन डायरेक्ट शूट मिलता है, इसमें किक मारने वाले खिलाड-ई से दस यार्ड दूर डिफेंडर्स दीवार बन कर खड़े होते है.

डिफेंडर्स: गोलपोस्ट के पास रह कर गोल को बचाने व गेंद को वापस फोर्वार्ड या हाफ की ओर भेजने का काम करने वाले खिलाड़ियों को डिफेंडर्स कहा जाता है. इनकी संख्या सामान्यतः चार होती है.
हाफ: डिफेंडर्स तथा फोर्वार्ड के बीच खड़े रहने वाले दो खिलाड़ियों को हाफ कहा जाता है.
ऑवर लेपिंग: डिफेंडर्स जब फोर्वार्ड की भूमिका में आकर आक्रमण करते है तब इसे ऑवरलेपिंग किया गया कहा जाता है.
फॉर-टू-फॉर: यह एक सामान्य व्यू रचना है. इसमें चार डिफेन्डर्स दो हाफ तथा चार फोर्वार्डस वाली फोरमेशन (रचना) होती है.
हेंड बॉल: गोल किपर के अतिरिक्त जब कोई खिलाड़ी जानबुझ कर गेंद को हाथ लगाता है, तब इसे हेण्ड बॉल कहा जाता है तथा रेफरी इसके लिए सजा देता है.

पार्किंग: विरोधी दल के खिलाड़ी जब पास रह कर गेंद को कब्जे में लेने से रोकने का प्रयास करे या पास देने से रोकने का प्रयास करे तब पार्किन किया गया कहा जाता है.
कर्व किक : खिलाड़ी गेंद को इस तरह लात मारता है कि वह सीधी दिशा में जाने की जगह वर्तुलाकार गति में आगे बड़ती है. कॉर्नर के समय या इनडायरेक्त शूट के समय अच्छे खिलाड़ी कर्व किक से गेंद को गोल पोस्ट में डाल देते है.
पिला-हरा-लाल कार्ड: छोटी भूल के लिए हरा, अंतिम चेतावनी के लिए पीला व मैच से बाहर करने के लिए लाल कार्ड दिखाया जाता है.

अगली कड़ी में जानिए ऑफ साइड के बारे में.

