
2009 में कई बड़ी घटनाएँ घटित हुई. इसलिए उनमें से 7 बड़ी घटनाएँ छांटना काफी मुश्किल रहा. परंतु फिर भी हमने कोशिश की कि लगभग हर क्षैत्र से हम किसी ना किसी बड़ी घटना को शीर्ष 7 में शामिल कर पाएँ. प्रस्तुत है वर्ष 2009 की 7 सबसे बड़ी घटनाएँ:
7. तेलंगाना की आग:
वर्ष समाप्त होते होते तेलंगाना की आग शोलों में बदल गई है. के चन्द्रशेखर राव और उनके दल को अलग तेलंगाना से कम कुछ नहीं चाहिए और उनकी भूख हड़ताल की देखादेखी अब कई अन्य लोग करने लगे हैं. उनमें वे शामिल हैं जो अलग तेलंगाना नहीं चाहते और वे भी जो कई अलग राज्य चाहते हैं.
6. सचिन तेंदूलकर के बल्ले का जादू:
भगवान है, और फिर सचिन है! उनमें अभी भी क्रिकेट बाकी है. वे अभी भी मैच जीता सकते हैं. और वे अभी भी रनों का पहाड़ बनाते जा रहे हैं. आखिर 30000 से अधिक टेस्ट रन और 17000 से अधिक एकदिवसीय रन मजाक नहीं है.
5. लाल आतंक का कहर:
क्या आप जानते हैं छत्तीसगढ के कुछ इलाकों में आप बिना विज़ा नहीं जा सकते! यह अघोषित विज़ा है जो माओवादी दल जारी करते हैं. हमारे देश में एक समानांतर सरकार चल रही है जो खुद को बदलाव के मसीहा कहते हैं. वे गुरिल्ला लड़ाई के विशेषज्ञ हैं और देश के भीतर जहर भर रहे हैं.
4. आम लोगों की कार:
17 जुलाई को रतन टाटा ने अपना वादा निभाया और नैनो की चाबी उसके पहले ग्राहक को सौंपी. हालाँकि रतन टाटा को अपना वादा निभाने की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी. सिंगुर से साणंद तक के सफर को वे भूल जाना अधिक पसंद करेंगे. लेकिन भविष्य उज्जवल है.
3. मनमोहन सिंह की जीत:
सिंग इज़ किंग! मितभाषी सरदार संभ्रांत वर्ग से आते हैं. वे बहुत धीमा बोलते हैं और कम भी. उनके भाषण में जान नहीं होती लेकिन फिर भी वे जादू कर सकते हैं. आखिर उन्होनें तेज तर्रार लालकृष्ण आडवाणी को आम चुनावों में पटखनी भी दे दी. हालाँकि वे स्वयं मानते हैं कि वे नहीं जानते थे कि वे जीत जाएंगे.
2. सत्यम घोटाला:
7 जनवरी 2009 को बी रामलिंगा राजू ने एक चिट्ठी क्या लिखी देश में तूफान आ गया. उन्होनें स्वीकार किया कि सत्यम कम्प्यूटर्स में सबकुछ नहीं बल्कि कुछ भी ठीक नहीं है. उन्होनें 1.4 बिलियन डॉलर के घोटाले की बात स्वीकार की. देश के आईटी उद्योग को इससे बहुत बड़ा झटका लगा.
1. चाँद पर पानी:
हमने खोजा! आंशिक रूप से ही सही पर यह सच है. अगस्त माह में चन्द्रयान 1 ने अलविदा कह दिया तब कई लोगों ने इसरो की क्षमता पर सवाल उठाए. लेकिन अगले ही माह खबर आई कि चाँद पर पानी उपलब्ध है और अब दुनिया इसरो का लोहा मानती है. चन्द्रयान 1 110% सफल रहा, जैसा कि इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर मानते हैं!