दोनों ही जगह धरती हिली थी और तीव्रता भी लगभग यही थी. लेकिन इन दोनों जगहों में बहुत फर्क है. वह भुज [गुजरात] था और यह हैती. कच्छ का भुज इलाका और गुजरात का बाकी का भुकम्पग्रस्त हिस्सा 2001 के भयावह भुकम्प के बाद जल्दी ही फिर से खड़ा हो गया और पहले से बेहतर भी बन गया, लेकिन विशेषज्ञ मान रहे हैं कि हैती को फिर से खड़ा होने में दशकों लग जाएंगे. हैती दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक है और काफी अशांत भी है. कुल 27,750 वर्ग किलोमीटर का यह छोटा कैरेबियन देश आज लगभग ध्वस्त हो चुका है. करीब 98 लाख की आबादी वाले देश के 1 लाख से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग बेघर हो गए हैं.
हैती प्रमुख के महल से लेकर आम लोगों के घर सब ध्वस्त हो चुके हैं. लोगों के पास ना रहने को जगह है ना ही खाने को अन्न.
इस समय दुनिया के सभी देश, सरकारें और आम नागरिक हैती की मदद के लिए आगे आ रहे हैं. आइए जानते हैं कि हम हैती की किस प्रकार से मदद कर सकते हैं:
- हैती चिल्ड्रन: हैती के बच्चों की सेवार्थ यह संस्था कार्य करती है. इस संस्था को दान देने के लिए यहाँ जाएँ
- बीयोंड बॉर्डर्स: यह भी एक स्वयंसेवी संस्था है जो भुकम्पग्रस्त हैती में सेवाकार्य चला रही है. दान देने की लिंक
- फूड फोर द पूअर: हैती के बेघर लोगों तक आहार पहुँचाने का कार्य कर रही है. दान देने की लिंक
- यूनाइटेड नेशंस इमरजेंसी रेस्पोंस फंड: सयुंक्त राष्ट्र का आपातकालिन कार्रवाही फंड. यहाँ दान देने की लिंक

