मकाऊ नामक स्थान को कुछ समय पहले तक बहुत कम लोग जानते थे लेकिन दो ऐसी घटनाएँ हुई जिससे मकाऊ का नाम किसी के लिए अनजाना नहीं रहा. पहली घटना 28 अगस्त 2007 को घटी थी जब मकाऊ में दुनिया के सबसे बड़े केसीनो “वेनेटियन रिसार्ट” का उद्घाटन हुआ और दूसरी घटना हाल ही में घटी जब इंडिया इंटरेशनल फिल्म अवार्ड यानि आइफा अवार्ड समारोह का आयोजन मकाऊ में किया गया.
कहाँ है मकाऊ? मकाऊ हॉंग कॉंग के पास स्थित एक द्विपनुमा जगह है. मकाऊ चीन का “स्पेश्यल एडमिनिस्ट्रेटिव रीजन” है यानी कि यहाँ चीन की परोक्ष सत्ता चलती है. इस लिहाज से देखें तो मकाऊ स्वतंत्र क्षेत्र भी है और चीन के कब्जे में भी है. चीन ने मकाऊ को 50 साल तक अपने तरीके से फलने फूलने की स्वतंत्रता दी है. ये 50 साल सन 2049 में समाप्त होंगे. मकाऊ की अपनी सरकार और सविंधान है लेकिन विदेश और रक्षा मामले चीन के नियंत्रण में हैं.
मकाऊ दूनिया का एकमात्र ऐसा शहर / देश है जिसकी 70% आमदनी केसीनो से यानी कि जुए से होती है. सही मायनों मे कहा जाए तो यह स्थल केसीनो की वजह से ही फलफूल रहा है.
इतिहास: सन 1500 से लेकर 1999 तक मकाऊ पुर्तगाल के कब्जे में था. इसलिए यहाँ के शिल्प में पुर्तगाली शिल्प का असर देखा जा सकता है. इसके बाद यह स्थल चीन के कब्जे में आया. मकाऊ चीन में यूरोपीय लोगों की पहली कॉलोनी थी और आखिरी भी यही थी.
मकाऊ में सन 1448 मे मात्सु नामक देवी का मंदिर बना जो स्थानीय मछुआरों की अराध्य देवी थी. इसी देवी के नाम का अपभ्रंश होकर इस देश का नाम पडा – मकाऊ.
मकाऊ और केसीनो: मकाऊ और केसीनो एक दूसरे के पूरक हैं. यहाँ की अर्थव्यवस्था केसीनो पर चलती है. केसीनो के लिए पहले लास वेगास प्रसिद्ध हुआ करता था लेकिन अब मकाऊ “केसीनो कींग” है. मकाऊ में जुए को कानूनी रूप से मान्यता 1850 में मिली और तब से अब तक यहाँ जुआ एक व्यापार की शक्ल ले चुका है.
मकाऊ में पहले विदेशी जुआघरों को प्रवेश करने की इजाजत नहीं थी और यहाँ के जुआघरों पर हॉंगकोंग के केसीनो मालिकों का दबदबा था. लेकिन 2002 में स्थिति बदल गई जब विदेश जुआघरों को भी अपना केसीनो खोलने की इजाजत दे दी गई.
इसके बाद प्रसिद्ध केसीनो किंग स्टीव विन सहित लास वेगास के कई बडे जुआघर मकाऊ भी आ गए. इसके बाद तो ऐसा लगने लगा कि लास वेगास की चमक अब फिकी पड रही है और मकाऊ उसका स्थान लेने के लिए आगे आ रहा है.
मकाऊ का रोमांच: मकाऊ जाने के लिए होंगकोंग सबसे उपयुक्त स्थान है. यहाँ से यात्री समुद्री रास्ते मकाऊ जा सकते हैं जिसमें 2 घंटे लगते हैं. यह सफर काफी रोमांचक है. लेकिन यदि आपके पास समय नही है तो आप हेलिकॉप्टर से भी जा सकते हैं और केवल 15 मिनट में मकाऊ पहुँच सकते हैं.
मकाऊ का अगला रोमांच है ड्यूटी फ्री शोपिंग. जो चाहे खरीदिए कोई ड्यूटी नहीं लगती.
इसके अलावा यहाँ की नाइट लाइफ भी दिलकश है. यहाँ कई डिस्को थेक और पब हैं, और रात नाम की कोई चीज यहाँ दिखाई नहीं देती. यह शहर 24 घंटे चलता रहता है और कभी सोता नहीं.

