विश्व स्तर पर फ़ुटबॉल में चाहे बांग्लादेश 157वीं जगह पर हो लेकिन बांग्लादेश के नागरिकों के विश्व कप फ़ुटबॉल के मैच देखने में यदि कोई बाधा आए तो वे सड़कों पर उतर आते हैं.बात यहाँ तक पहुँच गई है कि बांग्लादेश की सरकार ने फ़ैक्टरी मालिकों से अनुरोध किया है कि वे हर रोज़ शाम को फ़ैक्टरी बंद रखें ताकि लोगों के टीवी पर निर्विघ्न विश्व कप फ़ुटबॉल मैच देखने के लिए बिजली की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित की जा सके.
बीबीसी संवाददाता मार्क डम्मैट के अनुसार इससे पहले जब भी मैच के दौरान रिहायशी इलाक़ो को बिजली की सप्लाई में बाधा आई है, तब-तब प्रदर्शन हुए हैं और उग्र भीड़ ने बिजली वितरण के केंद्रो में तोड़फोड़ भी की है.
'दुर्भाग्यपूर्ण फ़ैसला, भारी नुक़सान'
उधर कंपनियों ने चिंता जताई है कि इस क़दम से औद्योगिक उत्पादन पर असर पड़ेगा और ज़ाहिर है उनकी कमाई भी प्रभावित होगी.
ढाका के फ़ुटबॉल प्रेमी अर्जेंटीना और ब्राज़ील की टीमों के भावुक समर्थक हैं.
हज़ारों लोगों ने अपने घरों, कारखानों, कारों, बाज़ारों को इन टीमों को झंडों और रंगों से सजाया है.
बांग्लादेश पॉवर डेवेलेप्मेंट बोर्ड के अध्यक्ष आलमगीर कबीर का कहना है, "फ़ैक्टरी मालिकों को पाँच घंटे के लिए बिजली का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए और दुकानें बंद कर देनी चाहिए....यदि कारखानों के बंद रखा जाए तो बिजली की एक-तिहाई खपत बच जाएगी और हम सभी विश्व कप का आनंद उठा सकेंगे."
कबीर ने तो लोगों को ये सलाह भी दी है कि वे घरों पर लाइटें, पंखे और एयर कंडीश्नर भी बंद रखें.
बांग्लादेश निटवेयर मैन्यूफ़ैक्चर्रस एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष फ़ज़लुल हक़ का कहना है कि ये 'दुर्भाग्यपूर्ण फ़ैसला' है.
उनका कहना था, "हमारे कारखानों को लंबे समय से बिजली की कमी से जूझना पड़ा है. इस फ़ैसले से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लाखों डॉलर का नुक़सान होगा."
विश्व कप फ़ुटबॉल की शुरुआत से पहले से ही बांग्लादेश ऊर्जा के संकट से गुज़र रहा था. अधिकारियों के अनुसार देश में बिजली की माँग 5200 मेगावॉट है जबकि वहाँ 3700 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होता है.