Monday, May 21st

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

'संदेह चेचेन और उत्तरी कॉकेसस के विद्रोहियों पर'

110124180955_domodedovodogs_466x350_apरूस की राजधानी मॉस्को के सबसे व्यस्त डोमोडेडोवो हवाई अड्डे पर एक भीषण बम धमाका हुआ जिसमें कम से कम 35 लोग मारे गए हैं और सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं.

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110124180955_domodedovodogs_466x350_apरूस की राजधानी मॉस्को के सबसे व्यस्त डोमोडेडोवो हवाई अड्डे पर एक भीषण बम धमाका हुआ जिसमें कम से कम 35 लोग मारे गए हैं और सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं.

रूसी अधिकारियों का कहना है कि हवाई अड्डे के आगमन हॉल में हुए धमाके को एक आत्मघाती हमलावर ने अंजाम दिया. रूस के राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव ने रूसी टीवी पर एक संबोधन में कहा कि शुरुआती जानकारी के आधार पर कहा जा सकता है कि ये आतंकवादी हमला था.

मॉस्को धमाके पर बीबीसी के रक्षा संवाददाता निक चाइलड्स:
चाहे किसी भी संगठन ने फ़िलहाल इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है लेकिन बीबीसी के रक्षा मामलों के संवाददाता निक चाइलड्स ने कहा है कि तत्काल शक़ की सुई संभवत: चेचेन और उत्तरी कॉकेसस के विद्रोहियों की ओर घूमती है.

ये रूस के वो इलाक़े हैं जहाँ मुस्लिम समुदाय बहुसंख्या में है. वहाँ काफ़ी समय से ख़ासी हिंसा होती रही है.

यही हिंसा पहले भी रूस के अन्य हिस्सों और राजधानी मॉस्को में भी नज़र आई है और इसमें जो 'पैटर्न' नज़र आया है वह यातायात के माध्यमों को निशाना बनाने का है.

पिछले साल मार्च में दो महिला आत्मघाती हमलावरों ने मॉस्को के दो मेट्रो स्टेशनों में बम धमाके किए थे जिनमें 40 से अधिक लोग मारे गए थे.

महत्वपूर्ण है कि मॉस्को के इस सबसे ज़्यादा व्यस्त हवाई अड्डे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय तौर पर सक्रिय हमलावर का काम हो सकता है और इस हवाई अड्डे को पहले भी निशाना बनाया गया है.

सात साल पहले चेचेन आत्मघाती हमलावरों ने डोमोडेडोवो हवाई अड्डे से दो विमानों पर सवार होकर उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया था. इन घटनाओं में 90 लोग मारे गए थे.

ताज़ा घटना रूसी सरकार के लिए एक बड़ी नई चुनौती है.

प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन की छवि ऐसी हिंसक घटनाओं के बाद कड़े क़दम उठाने के कारण बनी है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों ने एयरलाईंस के यात्रियों और विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में ख़ासा ध्यान दिया है.

लेकिन एयरपोर्ट और हवाई अड्डों के टर्मिनल को सुरक्षित रखना अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है.

यही बात सभी बड़े यातायात केंद्रों और यातायात के साधनों के बारे में कही जा सकती है जहाँ बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं.
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