Monday, May 21st

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

90 करोड़ लोगों को है ख़तरा

101228130639_sp_internet_spl_226iमाइक्रोसॉफ़्ट ने कहा है कि इंटरनेट एक्सप्लोरर में एक भारी सुरक्षा कमी की वजह से 90 करोड़ लोगों की निजी जानकारी ख़तरे में है.

BBC Hindi
101228130639_sp_internet_spl_226iमाइक्रोसॉफ़्ट ने कहा है कि इंटरनेट एक्सप्लोरर में एक भारी सुरक्षा कमी की वजह से 90 करोड़ लोगों की निजी जानकारी ख़तरे में है.

एक अत्यंत गंभीर श्रेणी की सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए माइक्रोसॉफ़्ट ने कहा है कि इस सुरक्षा कमी की वजह से विंडोज़ के सभी ऑपरेटिंग सिस्टम्स ख़तरे में है.

इस सुरक्षा कमी की वजह से दुनिया भर में इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे लोगों की निजी गोपनीय जानकारी चुराई जा सकती है और उनके कंप्यूटर का नियंत्रण भी किसी और के हाथ में जा सकता है.

इनमें विंडोज़ XP, विंडोज़ विस्टा, विंडोज़ 7, विंडोज़ सर्वर 2003, और विंडोज़ सर्वर 2008 भी शामिल हैं.

माइक्रोसॉफ़्ट ने ये भी कहा है कि अन्य वेब ब्राउज़र जैसे फ़ायरफ़ॉक्स, गूगल क्रोंम, और सफ़ारी पर इस ख़तरे से सुरक्षित हैं.

कंपनी का कहना है कि वो अभी तक इस बग या सुरक्षा कमी को हटाने में कामयाबी नहीं हासिल कर पाए हैं लेकिन उन्होने एक “फ़िक्स इट” सुरक्षा कवच जारी किया है जो हैकिंग की कोशिशों को रोक सकेगा.

सभी विंडोज़ इस्तेमाल करनेवालों, ख़ासकर वो जो इंटरनेट एक्सप्लोरर का इस्तेमाल कर रहे हैं, से कंपनी ने अनुरोध किया है कि वो उनकी वेबसाइट से इस सुरक्षा पैच या कवच को डाउनलोड कर लें जब तक कंपनी स्थाई रूप से इसकी तोड़ नहीं ढूंढ लेती.

कंपनी ने इसे सुरक्षा पर गंभीर ख़तरा बताया है लेकिन ये भी कहा है कि अभी तक हैकर्स शायद इस कमी का फ़ायदा उठा नहीं पाए हैं.

माइक्रोसॉफ़्ट की एक प्रवक्ता के अनुसार इस सुरक्षा कमी की वजह से इंटरनेट यूज़र्स को असली जैसी दिखनेवाली फ़र्ज़ी वेबसाइट्स पर भेजा जा सकता है और उनके ईमेल और पासवर्ड चुराए जा सकते हैं.
BBC Hindi
BLOG COMMENTS POWERED BY DISQUS