विवादों का हमसाया बन चुके विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर को एक बार फिर कांग्रेस हाईकमान ने भविष्य में कोई नया विवाद खड़ा न करने की आखिरी चेतावनी देकर क्लीन चिट दे दी.
प्रधानमंत्री की फटकार के बाद संकट में फंसे थरूर को विदेश राज्यमंत्री की कुर्सी पर जीवनदान मिल गया है.भारत और पाकिस्तान के बीच सऊदी अरब के वार्ताकार की भूमिका निभाने संबंधी थरूर के विवादित बयान ने रियाद की सरकारी यात्रा पर गए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी थी. इसीलिए प्रधानमंत्री ने तत्काल थरूर को फटकार लगाई और उन्होंने बिना देरी किए रियाद में ही सफाई दे डाली. इस बयान के कूटनीतिक नुकसान की भरपाई में विदेश मंत्रालय जुट गया तो संसद के बजट सत्र में राजनीतिक मुसीबत को रोकने के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने मंगलवार को थरूर को बुलाकर एक बार फिर सफाई जारी करा दी.
इतना ही नहीं कांग्रेस ने थरूर की सफाई पर अपनी मुहर भी लगा दी. थरूर ने पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी को कांग्रेस मुख्यालय आकर अपना स्पष्टीकरण दिया. इसके बाद द्विवेदी ने कहा कि थरूर के बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया और उन्होंने भारत-पाक के बीच सऊदी अरब के मध्यस्थ की भूमिका निभाने की बात नहीं कही. द्विवेदी ने कहा कि पार्टी थरूर के स्पष्टीकरण से सहमत है. हालांकि उन्होंने यह कहने से भी गुरेज नहीं किया कि विदेश राज्यमंत्री को भविष्य में विवादों से दूर रहने की सलाह दी गई है.

