एक और देश में महिलाओं को 33% आरक्षण दिए जाने की बात की जा रही है वहीं दूसरी ओर कुछ मौलानाओं के द्वारा महिलाओं के बारे में विचित्र किस्म की पुरातनपंथी सोच वाली बातें की जा रही है. उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े मदरसे नदवा-उल-उलेमा के प्रमुख मौलाना सर्रदुर रहमान आजमी नदवी ने कहा है कि इस्लाम में महिलाओं को सिर्फ घर में रहकर परिवार और बच्चों के देखभाल करने को कहा गया है. वे हिजाब पहनकर घर पर रहें.
उन्होने कहा कि राजनीति बच्चों का खेल नहीं है. इस्लाम में महिलाओं को लोगों के बीच जाकर भाषण देने की इज़ाजत नहीं है.
नदवी ने आगे कहा कि मुस्लिम महिलाएं अगर राजनीति में आना चाहती हैं तो वे सबसे पहले मर्द बन जाएं. हम नहीं चाहेंगे कि घर की महिलाएं लोगों के बीच बेपर्दा होकर खड़ी रहे.
आज से 5 वर्ष पूर्व देवबंद दारूल उलूम ने भी स्पष्ट कर दिया था कि मुस्लिम महिलाएँ चुनाव में खडी ना हों.

