लखनऊ में मुख्यमंत्री मायावती की रैली में विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर मौजूद थे. उनकी उपस्थिति ने अब एक नया विवाद छेड़ दिया है.
इस रैली में मायावती जहाँ बैठी हुई थी वहीं विधानसभा अध्यक्ष खड़े हुए थे. हालाँकि सविँधान के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष का पद मुख्यमंत्री से ऊपर होता है.
इस तरह दो विवाह खड़े हो गए हैं. एक तो उनका खड़े रहना और एक सवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति का राजनीतिक रैली में पहुंचना.
बताया जा रहा है कि मायावती ने इस रैली में 200 करोड़ रूपए से अधिक फूंक दिए हैं. जबकि अभी कुछ दिन पहले ही राज्य सरकार ने भगदड़ में मारे गए लोगों को मुआवजा देने से यह कहकर इंकार कर दिया था कि सरकार के पास पर्याप्त धन नही है.

