Sunday, Feb 12th

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

हज़ारों की माला, करोड़ों की रैली

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लखनऊ में सोमवार को पार्टी की रैली में प्रदेश की मुख्यमंत्री व बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने जमकर अपनी "माया"का प्रदर्शन किया. विपक्ष का आरोप है कि बसपा की महारैली पर 200 करोड़ रूपए खर्च किए गए. माया को जो "माला" पहनाई गई वह 1000 रूपए के नोटों से बनी हुई थी. उधर बसपा ने दावा किया कि रमाबाई आंबेडकर मैदान पर हुई महारैली उत्तर प्रदेश के इतिहास की सबसे बड़ी रैली है. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि इस महारैली में जमकर सरकारी पैसा खर्च किया गया. विरोधी पार्टियों का कहना है कि इस रैली में पूरे सरकारी महकमा को लगा दिया गया और वे सरकारी कामकाज छोड़कर बसपा की महारैली को कामयाब बनाने में जी जान से जुट गए.


रैली से पूर्व पूरा लखनऊ शहर नीले रंग में रंग गया. हजरतगंज से लेकर रैली स्थल रमाबाई आंबेडकर मैदान तक 12 किलोमीटर लंबा रास्ता नीले रंग में जगमगा रहा था. रैली स्थल के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. 4 एसपी, 32 एएसपी, 71 डीएसपी, 165 थाना इंचार्ज समेत 10 हजार से अधिक पुलिस बलों को रैली की सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया. कांग्रेस ने मायावती की इस रैली को एक सर्कस और मायावती को इसकी रिंग मास्टर बताया है. यूपी कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने महारैली के बारे में कहा कि इसका आयोजन गरीबों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंखयकों की भलाई के लिए नहीं किया है, बल्कि यह दिखाने के लिए किया गया है कि स्थिति बीएसपी के कंट्रोल में हैं हालांकि उसका जनाधार तेजी से घट रहा है.
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