उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 15 मार्च को आयोजित बसपा की महारैली में मुख्यमंत्री मायावती ने जो रुपयों का माला पहना था अब उस पर सियासी दांवपेंच तेज हो गई है.
अपने आपको में मुसीबत में देखकर मायावती ने आज अपने मंत्रियों और सांसदों की एक अहम बैठक बुलाई है. मायावती बैठक में माला के मुसीबत से कैसे निपटा जाए इस बात पर गहन विचार विमर्श कर सकती हैं और साथ ही इस पर भी माथापच्ची हो सकती है कि रुपयों की माला के चलते जो समस्या खड़ी हो गई है उससे मायावती को एकदम अलग करके उन्हें पाकसाफ कैसे साबित किया जाए.
दूसरी तरफ इनकम टैक्स विभाग करोड़ों की माला की जांच में जुट गई है. पहले तो इनकम टैक्स विभाग यह जानने की कोशिश करेगा कि इतनी बड़ी माला में लगा पैसा कहां से आया. विभाग माला में लगे नोटों की गिनती करके यह भी अनुमान लगाएगा कि इसमें कितना पैसा लगा है. माया के माले पर मचे बवाल पर आयकर विभाग ने जांच शुरु कर दी है. अगर इस माले में अवैध रुप से करोड़ों रुपया खर्च किया गया है तो हो सकता है जांच के बाद विभाग इस माला को अपने कब्जे में ले ले. विभाग यह भी जांच पड़ताल करेगी कि इतनी बड़ी माला मायावती को किसने भेंट की, कहां से आयी. महारैली में मायावती को हार पहनाने वाले कुछ मंत्रियों पर भी विभाग की गाज गिर सकती है. जांच में अगर यह पाया गया कि हार पहनाने वाले मंत्रियों का ही पैसा इस हार में लगा है और उपहार में जो कीमत पहले से ही निर्धारित है उससे कहीं ज्यादा पैसा इस हार में लगाया गया है तो मायावती के मंत्रियों पर मुसीबत आ सकती है. गौरतलब है कि बसपा की 25वीं वर्षगांठ पर 15 मार्च को लखनऊ में महारैली का आयोजन किया गया था. इस दरमियान मायावती को एक-एक हजार के नोटों से बनी करोड़ों की माला पहनाई गई थी जिसके बाद 16 मार्च को पूरे विपक्ष ने मायावती के माला पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। यहां तक कि माला के ऊपर हुए विवाद के चलते लोकसभा को भी 12 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

