उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक पंचायत ने तालिबानी फरमान सुनाकर कानून की धज्जियां उड़ा दी है. पंचायत ने एक नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने वाले को पांच जूते की सजा सुनाई.
पंचायत के फरमान से असंतुष्ट पीड़िता के परिवार ने पुलिस में मामला दर्ज कर दिया. जिसके बाद पुलिस ने पंचायत प्रमुख पर अमानवीय व्यवहार का मामला दर्ज किया है. प्राप्त खबर के मुताबिक गाजियाबाद के 13 मार्च के दिन धौलाना थाना क्षेत्र के शौलाना गांव यह घटना घटित हुई. यहां पर पशु डॉक्टर नरेन्द्र ने श्वेता सिंह नाम (बदला हुआ नाम) लड़की को घर में अकेली पाकर उसके साथ कुकृत्य किया. लेकिन लड़की के घर वालों ने समाज के डर से पुलिस में सिर्फ छेड़छाड़ का मामला ही दर्ज कराया. दूसरी तरफ पंचायत ने एक सभा का आयोजन करके पीड़िता के साथ मुंह काला करने वाले डॉक्टर को सिर्फ पांच जूते की सजा सुनाकर मामला रफा-दफा कर दिया.
इस फ़ैसले से लड़की के परिवार वाले संतुष्ट नहीं हुए. घटना के दो दिन बाद लड़की की माँ ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई.
समचार एजेंसियों ने गाज़ियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एमएम बेग के हवाले से ख़बर दी है कि गिरफ्तारी के लिए पाँच टीमों का गठन किया गया है. पुलिस का कहना है कि कथित रूप से बलात्कार करने वाले चाचा को जल्द ही गिरफ़्तार कर लिया जाएगा. पुलिस ने पंचायत के पाँच लोगों के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज किया है. उधर, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास ने कहा है कि वे इस मामले में पीड़ित पक्ष के साथ हैं और मामले से संबंधित जानकारी जुटा रही हैं.

