राज्यपाल द्वारा अनिवार्य मतदान के प्रावधानों के साथ गुजरात सत्तामंडल विधेयक लौटाए जाने के बाद गुजरात सरकार ने निर्णय लिया है कि वह इस बहुचर्चित बिल को फिर से पारित करेगी.
सरकार के प्रवक्ता एवं स्वास्थ्य मंत्री जयनारायण व्यास ने संकेत दिए हैं कि राज्यपाल द्वारा यह विधेयक राज्य सरकार को पुनर्विचार हेतु लौटाया गया है, और अब सरकार इसे फिर से पारित करवाएगी.
राज्यपाल की आपत्ति:
सुत्रों के अनुसार राज्यपाल को दो मुद्दों पर आपत्ति है. स्थानीय निकाय में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण एवं स्थानीय निकाय में अनिवार्य मतदान ये दो मुद्दे एक ही विधेयक में शामिल किया जाना पहला मुद्दा है. दूसरा मुद्दा यह है कि राज्यपाल के अनुसार अनिवार्य मतदान सँविधान की भावना के विपरित है.
अब सरकार के प्रवक्ता डॉ. व्यास ने कहा है कि सरकार सभी पहलुओं पर विचार कर इस विधेयक को विधानसभा में लाएगी और पारित करवाएगी. हालाँकि यह स्पष्ट नहीं है कि इसमें कोई सुधार किया जाएगा या नहीं.

