भारत सरकार ने अल कायदा से जुड़े विश्व के 100 से अधिक संगठनों को 'आतंकी संगठन' करार देते हुए उन्हें अपनी प्रतिबंधित सूची में शामिल किया है.
इस सूची में शामिल इंडोनेशिया के जेमा इस्लामिया, लीबिया के इस्लामिक जिहाद और मोरक्कन इस्लामिक कांबेटेंट ग्रुप जैसे संगठनों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहले ही आतंकी संगठन घोषित कर रखा है. गृह मंत्रालय की प्रतिबंधित संगठनों की सूची में पहले 33 संगठनों के नाम शामिल थे लेकिन सूची में संशोधन के बाद अब प्रतिबंधित संगठनों की संख्या 100 से ऊपर हो गई है. प्रतिबंधित संगठनों की सूची में इस संशोधन को गैर-कानूनी गतिविधि की रोकथाम अधिनियम के तहत एक ऐसा कदम माना जा रहा है जिससे यदि सुरक्षा बल इनसे जुड़े किसी व्यक्ति को अपनी जांच के घेरे में लेना चाहते हैं तो उन्हें किसी किस्म की कानूनी अड़चन न हो.
खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का नाम इस सूची में पहली बार शामिल हुआ है. इसके अलावा बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान कमांडो फोर्स और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडेरेशन को भी इसमें शामिल किया गया है. लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मुहम्मद, तहरीके फुरकान, अल बद्र, जमीयत उल मुजाहिदीन, अल कायदा, हरकत उल मुजाहिदीन, हरकत उल अंसार, हरकत उल जिहाद इस्लामी, हिजबुल मुजाहिदीन, जम्मू एंड कश्मीर इस्लामिक फ्रंट, उल्फा, एनडीएफबी, लिंट्टे, सिमी, दीनदार अंजुमन और भाकपा (माओवादी) संगठन इस सूची मे शामिल प्रमुख संगठन हैं.

