नीतीश कुमार सरकार ने आज गुजरात सरकार द्वारा कोसी बाढ राहत कोष में दी गई 5 करोड़ रूपयों की राशि लौटा दी.
बिहार सरकार के द्वारा गुजरात सरकार को भेजे गए पत्र की प्रति को देखें तो पता चलता है कि बिहार सरकार ने वह राशि इस्तेमाल ही नहीं की. स्वयं बिहार सरकार के मुख्य सचिव लिखते हैं कि - 2008 में कोशी आपदा के समय गुजरात सरकार द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष, बिहार में पाँच करोड रूपए की राशि दी गई थी. कोशी आपदा के समय यह राशि खर्च न होने के कारण मुख्यमंत्री राहत कोष, बिहार में अव्यव्हृत पडी हुई थी. अत: यह राशि वापस की जा रही है.

इस विषय में गुजरात सरकार के प्रवक्ता जयनारायण व्यास का कहना है कि गुजरात ने उस समय आधुनिक मशीनें, 38 चिकित्सक, 56 पेरामेडिकल स्टाफ, 80 फायरब्रिगेड जवान, 15 108 एम्बुलेंस, मोबाइल हॉस्पिटल, और सुरक्षाकर्मी भेजे थे. इस दल ने महिनों तक वहाँ काम किया. इसके अलावा गुजरात ने ट्रेन की 80 वेगन भरकर 20 करोड़ की राहत सामग्री लोगों की सहातार्थ भेजी थी.
गुजरात सरकार, गुजरात भाजपा और गुजरात के लोग बिहार के बाढ प्रभावित क्षैत्रों में कैम्प लगाकार दिन - रात लोगो की सेवा कर रहे थे.
उन्होनें आगे कहा कि गुजरात ने मात्र अपना कर्तव्य निभाया था.

