इस बात पर स्वयं गृहमंत्री को कितना भरोसा है यह पता नहीं परंतु उन्होने कहा है कि देश से नक्सलवाद अगले तीन सालों में समाप्त हो जाएगा.गृहमंत्री के इस बयान को कोई गम्भीरता से नहीं ले रहा क्योंकि हाल के दिनों में यह देखा गया है कि नक्सलवादी रणनीति बनाने और उसे अंजाम देने में सुरक्षा बलों से बीस साबित हो रहे हैं. केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच समंवयता का अभाव साफ दिख रहा है और इसका खामियाजा सुरक्षा बलों को उठाना पड रहा है.
वैसे भी जब जब चिदम्बरम ने इस तरह का कोई बयान दिया है तब तब नक्सलियों ने कोई बडा हमला कर जताया है कि गृहमंत्री को गलतफहमी मे नही रहना चाहिए.

