हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी ध़डे के अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी ने भारत सरकार के साथ बातचीत के लिए पांच शर्ते रखी हैं.
इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अलगाववादी नेताओं से राजनीतिक चर्चा की अपील की थी. इस पर आज गिलानी ने अपने निवास पर पत्रकारों से कहा कि राजनीतिक बातचीत के लिए प्रस्ताव के जवाब में कुछ शर्ते रख रहे हैं.
गिलानी की शर्ते इस प्रकार है. कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय समस्या के रूप में स्वीकार करना, कश्मीर से सेना हटाना, भारत के प्रधानमंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से यह आश्वासन देना कि इसके बाद से कश्मीर में न तो किसी की गिरफ्तारी होगी और न किसी को जान ली जाएगी, अफजल गुरू, मिर्जा निसार हुसैन और मोहम्मद अली बट जैसे सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करना और उनके खिलाफ सारे मुकदमे वापस लेना, जून से अब तक राज्य में मारे गए 65 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को युद्धापराध के लिए सजा देना.

