अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संसद में अपने संबोधन में कहा है कि अमेरिका भारत को सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के तौर पर देखना चाहेगा. ओबामा ने भारत यात्रा के दौरान मिले आतिथ्य के लिए हिन्दी में ‘बहुत धन्यवाद’ दिया. वहीं भाषण का समापन ‘जय हिंद’ कहते हुए किया तथा तालियों बटोरी.
आतंकवाद पर उन्होने कहा कि हम पाकिस्तान से कहेंगे कि वह अपनी जमीन से आतंकवाद को खत्म करे, मुंबई हमले के दोषियों पर कार्रवाई हो. हम भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत के पक्षधर हैं लेकिन चाहते हैं कि कश्मीर मसला दोनों देश आपस में सुलझाएं.
उन्होने अफ़गानिस्तान पर कहा कि वहां भारत की अहम भूमिका है. अमेरिका अफगानिस्तान के लोगों को उनकी जमीन वापस करेगा.
महात्मा गांधी को अपना प्रेरणा स्रोत बताते हुए कहा कि मैंने जीवन भर गांधी जी के जीवन से प्रेरणा प्राप्त की है. उन्होने विवेकानन्द को याद करते हुए कहा कि एक सदी पहले मेरे गृह नगर शिकागो में आए एक अतिथि ने आस्थाओं की समृद्धि का उत्सव मनाया था- विश्व प्रसिद्ध स्वामी विवेकानंद. पवित्रता, शुद्धता और परोपकार दुनिया में किसी एक चर्च के अधिकार मे नहीं है. और हर प्रणाली ने असाधारण चरित्र वाले स्री-पुरुषों को जन्म दिया है.
भारत की विविधता की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत की शक्ति - भारत का मूल विचार ही सारे रंगों, जातियों व नस्लों को गले लगाना है। इसी विविधता का प्रतिनिधित्व आज यह सदन कर रहा है.

