न्यायमूर्ति हीमा कोहली ने एक याचिका पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि भारत विरोधी भाषण करने के लिए लेखिका अरुंधती राय, हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी और दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रफेसर एस. ए. आर गिलानी के विरूद्ध आपराधिक मामला क्यों न दर्ज किया जाए.
सुग्रीव दुबे ने 25 अक्टूबर को अरुंधती सहित अन्य लोगों के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्रता में कभी भी राष्ट्र हित के विरूद्ध विचारों के प्रसार की स्वतंत्रता शामिल नहीं रही है.
अदालत ने दिल्ली सरकार से 27 जनवरी तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है.

