प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस वित्तीय वर्ष में आर्थिक विकास दर के सात प्रतिशत से अधिक रहने की उम्मीद जताते हुए कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे गति पकड़ रही है. उनके मुताबिक, यह तेजी गरीबी से लड़ने के लिए महत्वपूर्ण है.
भारतीय आर्थिक संघ के 92वें वार्षिक सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘2008 में आर्थिक मंदी ने अर्थव्यवस्था की तेजी को बाधित किया था, इसलिए विकास दर 6.7 रह गई थी. 2009-10 में इसके 7 प्रतिशत या इससे थोड़ा अधिक रहने की उम्मीद है. ’ इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने उद्योगों पर सरकारी नियंत्रण कम होने, घरेलू उद्योगों का संरक्षण घटाने और व्यापार व विदेशी निवेश में ज्यादा खुलापन लाने का भी जिक्र किया.

