श्रीलंका के पूर्व सेनाध्यक्ष सरथ फोंसेका की गिरफ्तारी के बाद श्रीलंका में तनाव का माहौल है. बुधवार को यहां हिंसा भडक उठी. राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षा ने 8 अप्रैल को संसदीय चुनाव कराने की घोषणा की है, उसके ठीक पहले फोंसेका की गिरफ्तारी से विपक्षी दलों को झटका लगा है.
कोलम्बो में सत्तारूढ़ पार्टी यूनाइटेड पीपुल्स फ्रीडम अलायंस (यूपीएफए) और फोंसेका समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुई और पुलिस को आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठियों का जमकर इस्तेमाल करना पडा.
उधर फोंसेका की पत्नी ने इस गिरफ्तारी के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की बात कही है. विपक्षी दलों का आरोप है कि फोंसेका की गिरफ्तारी बदले की भावना से की गई है.
भारत की प्रतिक्रिया:
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सरथ फोंसेका की गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक परंपरा का उल्लंघन बताया है और कहा है कि उन्हें तत्काल रिहा किया जाना चाहिए.

